नयी दिल्ली, 13 जनवरी (भाषा) सलाहकार फर्म डेलॉयट इंडिया ने मंगलवार को सुझाव दिया कि आगामी बजट में आयात शुल्क संरचना को युक्तिसंगत बनाने और आवंटन बढ़ाने से घरेलू विनिर्माण और देश के निर्यात को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
डेलॉयट इंडिया ने कहा कि विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) व्यवस्था में सुधार, जैसे कि ‘छोड़े गए शुल्क’ के आधार पर घरेलू आपूर्ति की अनुमति देना, उप-अनुबंध मानदंडों को आसान बनाना और मूल्यवर्धन को सीमा-शुल्क से छूट देने के साथ ही एक सीमित सीमा-शुल्क माफी योजना से प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार होगा और मुकदमों में कमी आएगी।
वित्त वर्ष 2026-27 का बजट एक फरवरी को पेश किए जाने की संभावना है।
डेलॉयट इंडिया ने कहा कि भारत के निर्यात को लगातार गति देने के लिए आम बजट को घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने और निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के सरकार के मौजूदा प्रयासों को और आगे बढ़ाना चाहिए।
डेलॉयट इंडिया में साझेदार गुलजार दिदवानिया ने कहा, ”एक प्रमुख उपाय सीमा शुल्क संरचना को अधिक युक्तिसंगत बनाना होगा। उन क्षेत्रों में कलपुर्जों और घटकों पर शुल्क कम करना चाहिए, जहां भारत ने अपनी उत्तम विनिर्माण क्षमता हासिल कर ली है।”
उन्होंने कहा कि यह दृष्टिकोण तैयार उत्पादों के आयात को हतोत्साहित करेगा, घरेलू मूल्यवर्धन को बढ़ावा देगा और निर्यात के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगा।
भाषा पाण्डेय प्रेम
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