नयी दिल्ली, 24 अगस्त (भाषा) देश के छह प्रमुख शहरों में इस कैलेंडर साल पट्टे पर कार्यालय स्थल की मांग 20 प्रतिशत घटकर चार करोड़ वर्ग फुट पर आने की संभावना है। रियल एस्टेट सलाहकार कोलियर्स इंडिया ने बताया कि कंपनियां अपनी विस्तार योजनाओं को लेकर फैसले लेने में देरी कर रही हैं, जिससे कार्यालय स्थल की मांग पर असर पड़ेगा।
कोलियर्स ने बृहस्पतिवार को जारी अपनी रिपोर्ट ‘इंडिया ऑफिस मार्केट- चेंजिंग विंड्स’ में अनुमान लगाया है कि कैलेंडर साल 2023 में कार्यालय क्षेत्र को पट्टे पर लेने का कुल आंकड़ा 4-4.5 करोड़ वर्गफुट रहेगा, जो 2022 में 5.03 करोड़ वर्गफुट था।
इस साल के पहले छह महीनों में पट्टे पर कार्यालय स्थल की मांग 2.47 करोड़ वर्गफुट रही है। दूसरी छमाही में इसके 1.53-2.03 करोड़ वर्गफुट रहने का अनुमान है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि छह प्रमुख शहरों में बेंगलुरु में कार्यालय स्थल की मांग 1.2-1.4 करोड़ वर्गफुट रहने का अनुमान है। दिल्ली-एनसीआर में यह 90 लाख से 1.1 करोड़ वर्गफुट और चेन्नई में 70-90 लाख वर्गफुट रहेगी।
हैदराबाद, मुंबई और पुणे में पट्टे पर कार्यालय स्थल की मांग 40 से 60 लाख वर्गफुट के बीच रहेगी।
भाषा अनुराग अजय
अजय