टीवीएस मोटर वित्तीय सेवा कारोबार को अलग करने की संभावना पर करेगी विचार: चेयरमैन

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टीवीएस मोटर वित्तीय सेवा कारोबार को अलग करने की संभावना पर करेगी विचार: चेयरमैन

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  • Publish Date - July 22, 2026 / 04:09 PM IST,
    Updated On - July 22, 2026 / 04:09 PM IST

नयी दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) टीवीएस मोटर कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक सुदर्शन वेणु ने बुधवार को कहा कि कंपनी शेयरधारकों के मूल्य को बढ़ाने के लिए अपने वित्तीय सेवा कारोबार को अलग करने जैसे विकल्पों पर विचार करेगी।

कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए वेणु ने कहा कि समूह ने कई साल से अपने वित्तीय सेवा कारोबार…टीवीएस क्रेडिट… को बनाने और उसे आगे बढ़ाने में लगातार निवेश किया है। यह कारोबार अब बड़े टीवीएस परिवेश का एक अहम हिस्सा बन गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘तीनों प्रमुख रेटिंग एजेंसियों से एए प्लस रेटिंग पाने वाली टीवीएस क्रेडिट समझदारी, मकसद और टीवीएस के मूल्यों के साथ लगातार आगे बढ़ रही है।’’

वेणु ने कहा, ‘‘कंपनी सही समय पर, चरणबद्ध तरीके से और लंबी अवधि की रणनीतिक सोच के साथ, शेयरधारक मूल्य को और बढ़ाने और उसे खोलने के लिए वित्तीय सेवा कारोबार को अलग करने जैसे विकल्पों पर विचार कर सकती है।’’

उन्होंने कहा कि वित्तीय सेवा कारोबार के लिए वित्त वर्ष 2025-26 अच्छा रहा है। इसमें कर्ज वितरण 26 प्रतिशत बढ़ा और साल के अंत में कंपनी का संपत्ति आधार 30,000 करोड़ से अधिक रहा। कंपनी दोपहिया और उपभोक्ता खंड में 24 लाख से अधिक ग्राहकों को सेवा दे रही है…।’’

वेणु ने कहा, ‘‘हम अब 90 से अधिक देशों में मौजूद हैं। हम अफ्रीका के साथ-साथ लातिनी अमेरिका और एशिया को वृद्धि के लिहाज से दीर्घकालीन रणनीतिक रास्ते मानते हैं और अब यूरोपीय बाजार में भी कदम रख रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में और खासकर भारत में, दोपहिया सिर्फ एक ‘लाइफस्टाइल’ उत्पाद नहीं है, बल्कि जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में एक जरूरत है।

वेणु ने कहा, ‘‘खासकर अफ्रीका एक अहम मोड़ पर है। वहां युवा आबादी है जिसकी वाहनों की जरूरतें बढ़ेंगी। हम अफ्रीकी बाजार में एक भरोसेमंद ब्रांड हैं और हम उस पर और आगे बढ़ना चाहते हैं।’’

उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर, वित्त वर्ष 2026-27 में अंतरराष्ट्रीय कारोबार के बढ़ने, मजबूती दिखाने और वृद्धि की उम्मीद है।

वेणु ने कहा, ‘‘हालांकि, स्थिति अनिश्चितता और उतार-चढ़ाव भरी है। लेकिन साथ ही मौकों की भी गुंजाइश है… चाहे वह तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था वाला भारत हो या हमारे कुछ अन्य बाजार।’’

उन्होंने कहा कि इसको देखते हुए कंपनी प्रौद्योगिकी और नए उत्पादों में निवेश करना जारी रखेगी।

भाषा रमण अजय

अजय