Digital Fraud Compensation in India: डिजि​टल फ्रॉड होने पर पीड़ित को RBI देगी पैसा, गर्वनर संजय मल्होत्रा ​​ने किया ऐलान

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Digital Fraud Compensation in India: डिजि​टल फ्रॉड होने पर आरबीआई पीड़ित को RBI देगी पैसा, गर्वनर संजय मल्होत्रा ​​ने किया ऐलान

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  • Publish Date - February 9, 2026 / 02:19 PM IST,
    Updated On - February 9, 2026 / 02:53 PM IST

Digital Fraud Compensation in India: डिजि​टल फ्रॉड होने पर आरबीआई पीड़ित को RBI देगी पैसा, गर्वनर संजय मल्होत्रा ​​ने किया ऐलान / Image: IBC24 Customized

HIGHLIGHTS
  • डिजिटल फ्रॉड होने पर अब ग्राहकों को ₹25,000 तक की क्षतिपूर्ति
  • संदिग्ध लेन-देन की राशि प्राप्तकर्ता के खाते में थोड़ी देरी से जमा की जाएगी
  • नियमों को अपडेट किया जा रहा है ताकि अनधिकृत बैंकिंग लेनदेन में ग्राहक की जिम्मेदारी कम से कम हो

मुंबई: Digital Fraud Compensation in India भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने शुक्रवार को छोटे-मोटे धोखाधड़ी वाले लेन-देन में हुए नुकसान के लिए ग्राहकों को 25,000 रुपये तक की क्षतिपूर्ति को लेकर नई रूपरेखा लाने की घोषणा की। मल्होत्रा ने चालू वित्त वर्ष के लिए अंतिम द्विमासिक नीति की घोषणा करते हुए कहा, ‘‘हम डिजिटल भुगतान की सुरक्षा बढ़ाने के लिए संभावित उपायों पर एक परिचर्चा पत्र भी प्रकाशित करेंगे। इन उपायों में विलंब से क्रेडिट और वरिष्ठ नागरिकों जैसे विशिष्ट वर्ग के उपयोगकर्ताओं के लिए अतिरिक्त प्रमाणीकरण शामिल हो सकते हैं।’’ क्रेडिट में विलंब से तात्पर्य डिजिटल लेनदेन के लिए प्रस्तावित सुरक्षा व्यवस्था से है। इसमें कुछ लेन-देन से प्राप्त राशि को प्राप्तकर्ता के खाते में जानबूझकर थोड़ी देरी से जमा किया जाता है।

डिजिटल फ्रॉड होने पर आरबीआई देगी पैसा

Digital Fraud Compensation in India उन्होंने कहा कि ग्राहकों के हितों की सुरक्षा के लिए, आरबीआई तीन दिशानिर्देश का मसौदा जारी करेगा। पहला, गलत बिक्री से संबंधित, दूसरा, अनधिकृत तरीके से इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेन-देन में ग्राहकों की देनदारी को सीमित करने और तीसरा कर्ज वसूली तथा वसूली एजेंट को जोड़ने के संबंध में होगा। मल्होत्रा ने कहा, ‘‘छोटे मूल्य के धोखाधड़ी वाले लेनदेन में हुए नुकसान के लिए ग्राहकों को 25,000 रुपये तक की क्षतिपूर्ति को लेकर एक रूपरेखा लाने का भी प्रस्ताव है।’’ अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेनदेन में ग्राहकों की देनदारी को सीमित करने संबंधी मौजूदा निर्देश 2017 में जारी किए गए थे। इनमें ग्राहक की शून्य/सीमित देनदारी की परिस्थितियों और समय-सीमाओं का उल्लेख है।

जल्द लागू हो सकता है ये नियम

उन्होंने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र और भुगतान प्रणालियों में प्रौद्योगिकी के तेजी से अपनाए जाने को देखते हुए, इन निर्देशों के जारी होने के बाद से मौजूदा निर्देशों की समीक्षा की गई है। मल्होत्रा ने कहा कि इसको देखते हुए छोटे मूल्य के धोखाधड़ी वाले लेनदेन के मामले में क्षतिपूर्ति के लिए एक रूपरेखा समेत संशोधित निर्देशों का मसौदा जल्द ही सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया जाएगा। मल्होत्रा ​​ने कहा कि वित्तीय संस्थानों द्वारा वित्तीय उत्पादों और सेवाओं की गलत बिक्री का ग्राहकों और ऐसी संस्थाओं दोनों पर गंभीर परिणाम होता है। इसलिए यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि बैंक काउंटर पर बेचे जा रहे तृतीय-पक्ष के उत्पाद और सेवाएं ग्राहकों की जरूरतों और व्यक्तिगत ग्राहकों की जोखिम लेने की क्षमता के अनुरूप हों।

वित्तीय संस्थानों को  निर्देश

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए वित्तीय उत्पादों और सेवाओं के विज्ञापन, विपणन और बिक्री के संबंध में वित्तीय संस्थानों को व्यापक निर्देश जारी करने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में निर्देशों का मसौदा जल्द ही सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया जाएगा।’’ आरबीआई गवर्नर ने कहा कि वर्तमान में वसूली एजेंट की नियुक्ति और ऋण वसूली के तौर-तरीकों से संबंधित पहलुओं के संबंध में बैंकों, एनबीएफसी की विभिन्न श्रेणियों के मामले में अलग-अलग निर्देश लागू हैं। उन्होंने कहा कि अब वसूली एजेंट की नियुक्ति और ऋण वसूली से संबंधित अन्य पहलुओं पर सभी मौजूदा तौर-तरीकों से जुड़े निर्देशों की समीक्षा और सामंजस्य स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।

मिशन सक्षम की घोषणा

मल्होत्रा ने कहा कि इस संबंध में निर्देशों का मसौदा जल्द ही सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया जाएगा। उन्होंने मिशन सक्षम की घोषणा करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य शहरी सहकारी बैंकों की क्षमता निर्माण करना है। मल्होत्रा ने कहा कि प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक (यूसीबी) वित्तीय समावेश को बढ़ावा देने और बैंकिंग सुविधाओं से वंचित लोगों की सेवा करने के लिए महत्वपूर्ण संस्थान हैं। इनकी आगे की वृद्धि मजबूत कौशल और दक्षताओं के विकास के साथ-साथ तकनीकी क्षमताओं और परिचालन मजबूती पर निर्भर करेगा।

क्षेत्रीय भाषाओं में भी पाठ्यक्रम

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए, रिजर्व बैंक जल्द ही मिशन सक्षम (सहकारी बैंक क्षमता निर्माण)… क्षेत्र-व्यापी क्षमता निर्माण और प्रमाणन ढांचा… शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की क्षमता निर्माण को बड़ी संख्या में प्रशिक्षण कार्यक्रमों के साथ-साथ एक वृहद शिक्षण मंच के माध्यम से क्रियान्वित किया जाएगा। इसमें विभिन्न कार्यों से जुड़े लगभग 14 लाख प्रतिभागी शामिल होंगे। मल्होत्रा ने कहा कि रिजर्व बैंक इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने वाले शहरी सहकारी बैंकों के निकट स्थित स्थानों पर आयोजित करने का प्रयास करेगा और जहां तक ​​संभव होगा, क्षेत्रीय भाषाओं में भी पाठ्यक्रम उपलब्ध कराएगा। यह मिशन यूसीबी के शीर्ष संगठन और राष्ट्रीय/राज्य संघों के सहयोग से चलाया जाएगा।

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₹25,000 का मुआवजा किसे मिलेगा?

यह उन ग्राहकों को मिलेगा जो छोटे मूल्य के डिजिटल फ्रॉड का शिकार हुए हैं और जिन्होंने समय पर बैंक को इसकी सूचना दी है। इसकी विस्तृत रूपरेखा जल्द जारी होगी।

'क्रेडिट में देरी' (Delayed Credit) का क्या मतलब है?

इसका मतलब है कि डिजिटल भुगतान होने पर पैसा तुरंत खाते में नहीं पहुंचेगा, बल्कि कुछ समय बाद जमा होगा ताकि फ्रॉड की स्थिति में ट्रांजैक्शन को कैंसिल किया जा सके।

क्या यह नियम पुराने फ्रॉड पर भी लागू होगा?

नहीं, यह नया फ्रेमवर्क भविष्य में लागू होने वाले दिशा-निर्देशों के बाद होने वाले लेन-देन पर प्रभावी होगा।

रिकवरी एजेंटों को लेकर क्या बदलाव होगा?

आरबीआई सभी बैंकों के लिए एक समान नियम लाएगा ताकि एजेंट ग्राहकों को मानसिक या शारीरिक रूप से प्रताड़ित न कर सकें।

मिशन सक्षम से ग्राहकों को क्या फायदा है?

सहकारी बैंक तकनीकी रूप से अपडेट होंगे, जिससे इन बैंकों में आपका पैसा पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित रहेगा और बैंकिंग सेवाएं बेहतर होंगी।