नयी दिल्ली, 24 मई (भाषा) यात्रा बुकिंग मंच ईजमाई ट्रिप दीर्घावधि की वृद्धि, संचालन में मजबूती और अपने यात्रा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और सह-संस्थापक रिकांत पिट्टी ने पीटीआई-भाषा के साथ साक्षात्कार में कहा कि भारतीयों में घरेलू पर्यटन को लेकर जबर्दस्त रुचि देखने को मिल रही है और कंपनी की करीब 90 प्रतिशत आय घरेलू यात्रा से आती है।
उन्होंने कहा कि आज भारतीय यात्री सांस्कृतिक, धार्मिक, अनुभव आधारित और क्षेत्रीय पर्यटन की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। लोगों की रुचि अब सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे देश के अलग-अलग हिस्सों की संस्कृति और विरासत को भी करीब से देखना चाहते हैं।
कंपनी में नेतृत्व बदलाव पर पिट्टी ने कहा कि पिछले साल भाइयों निशांत और प्रशांत पिट्टी के पद छोड़ने के बावजूद कंपनी मजबूत पेशेवर नेतृत्व, अनुभवी प्रबंधन टीम और स्पष्ट संचालन प्रक्रिया के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी बढ़ती हुई कंपनी में नेतृत्व परिवर्तन एक स्वाभाविक प्रक्रिया होती है।
कंपनी ने अपनी कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) इकाई ईजमाई ट्रिप फाउंडेशन के जरिये कुतुब मिनार परिसर में ‘सेवी’ कैफेटेरिया की शुरुआत की है। यह पहल सरकार की ‘विरासत को संभालो’ पहल के तहत की गई है। पिट्टी ने कहा कि भारत की विरासत स्थलों पर इस तरह की पर्यटक-केंद्रित परियोजनाओं में लंबी अवधि की बड़ी संभावनाएं हैं।
उन्होंने बताया कि ऑनलाइन यात्रा क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए कंपनी कृत्रिम मेधा (एआई) में निवेश कर रही है। इसका उद्देश्य यात्रा सेवाओं को बेहतर बनाना, ग्राहकों को व्यक्तिगत अनुभव देना और डिजिटल मंच को मजबूत करना है।
भाषा अजय अजय
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