EPFO New Withdrawal Rules: PF निकालने वालों के लिए बड़ा अपडेट! 2 महीने बाद पूरा पैसा निकालने पर लगी रोक? अब इतने महीनों तक करना होगा इंतजार

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EPFO New Withdrawal Rules: नौकरी जाने के बाद अगर आपने जरूरत के चलते अपना पूरा PF निकाल लिया है तो नई नौकरी मिलने पर चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। नई कंपनी में आपका PF अकाउंट फिर से सक्रिय हो सकता है और उसमें दोबारा नियमित रूप से PF का पैसा जमा होना भी शुरू हो जाएगा।

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  • Publish Date - September 28, 2026 / 03:59 PM IST,
    Updated On - September 28, 2026 / 04:06 PM IST

(EPFO New Withdrawal Rules/Image Credit: AI-generated)

HIGHLIGHTS
  • नौकरी छूटने पर 75% PF निकाल सकते हैं।
  • 12 महीने बेरोजगारी के बाद पूरा PF निकालने का नियम।
  • नई नौकरी में पुराना PF वापस जमा नहीं करना पड़ता।

नई दिल्ली: EPFO New Withdrawal Rules: नौकरी छूटने के बाद लंबे समय तक आमदनी न होने पर प्रॉविडेंट फंड (PF) का पैसा काफी मददगार साबित होता है। 2026 के नए नियमों के मुताबिक, नौकरी जाने पर कर्मचारी अपने PF बैलेंस का 75 फीसदी तक पैसा (EPFO New Withdrawal Rules) ही निकाल सकता है। बाकी 25 फीसदी रकम PF खाते में जमा रहता है। अगर कर्मचारी लगातार 12 महीने तक बेरोजगार रहता है तो नियमों के तहत बची रकम भी निकालने की अनुमति मिल सकती है। पहले यह अवधि दो महीने की बेरोजगारी के बाद पूरी रकम निकालने की थी।

12 महीने बेरोजगार रहने पर क्या होगा?

नए नियमों में PF की पूरी रकम निकालने के लिए बेरोजगारी (EPFO New Withdrawal Rules) की अवधि बढ़ाकर 12 महीने कर दी गई है। इस स्थिति में कर्मचारी के हिस्से के साथ नियोक्ता का योगदान और जमा ब्याज भी निकाला जा सकता है। लेकिन कुछ विशेष मामलों में अलग नियम लागू हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, शादी के लिए नौकरी छोड़ने वाली महिला सदस्यों पर 12 महीने की बेरोजगारी वाली शर्त लागू नहीं होने की बात कही गई है।

पूरा PF निकालने के बाद नई नौकरी मिले तो क्या होगा?

अगर किसी कर्मचारी ने बेरोजगारी के दौरान अपना पूरा PF निकाल लिया और कुछ समय बाद उसे नई नौकरी मिल गई तो पहले निकाली गई रकम को दोबारा PF खाते में जमा करने की जरूरत नहीं होती। नई नौकरी शुरू होने के बाद कर्मचारी फिर से PF व्यवस्था का हिस्सा बन सकता है। नया नियोक्ता कर्मचारी के मौजूदा UAN से PF खाते को जोड़कर उसमें योगदान शुरू कर सकता है।

नई नौकरी में PF फिर से जमा होगा

नई नौकरी शुरू होने के बाद कर्मचारी और नियोक्ता, दोनों की ओर से PF में योगदान फिर से जमा होना शुरू हो सकता है। इसका मतलब है कि पुराना निकाला हुआ पैसा अपने आप वापस खाते में नहीं आता। इसके बजाय नई नौकरी के साथ PF की बचत फिर से बननी शुरू होती है। इसलिए नौकरी बदलने के बाद UAN और PF से जुड़ी जानकारी सही रखना जरूरी है।

PF निकालते समय टैक्स का रखें ध्यान

PF निकालने से पहले टैक्स के नियमों को समझना भी जरूरी है। अगर पांच साल की लगातार सर्विस पूरी होने से पहले PF निकाला (EPFO New Withdrawal Rules) जाता है और एक वित्त वर्ष में निकाली गई रकम 50,000 रुपये से ज्यादा है तो कुछ मामलों में TDS लग सकता है। PAN उपलब्ध होने पर कुछ परिस्थितियों में 10 फीसदी TDS लागू हो सकता है जबकि PAN नहीं होने पर ज्यादा दर से TDS लगने की स्थिति बन सकती है। लेकिन नौकरी खत्म होने की कुछ परिस्थितियों में टैक्स छूट भी मिल सकता है। इसलिए PF निकालने से पहले अपनी सर्विस अवधि, निकासी का कारण और टैक्स स्थिति जरूर चेक कर लें।

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नौकरी छूटने पर कितना PF निकाला जा सकता है?

नए नियमों के अनुसार, नौकरी छूटने पर PF बैलेंस का 75% तक हिस्सा निकाला जा सकता है। बाकी 25% रकम खाते में रहती है।

पूरा PF कब निकाला जा सकता है?

लगातार 12 महीने बेरोजगार रहने के बाद नियमों के तहत PF की पूरी रकम निकालने की अनुमति मिल सकती है।

PF निकालने के बाद नई नौकरी मिलने पर क्या होगा?

पुराना निकाला हुआ PF वापस जमा नहीं करना पड़ता। नई नौकरी में आपके UAN से फिर PF योगदान शुरू हो सकता है।

क्या PF निकालने पर टैक्स लगता है?

कुछ परिस्थितियों में टैक्स और TDS लग सकता है, खासकर पांच साल की लगातार सेवा पूरी होने से पहले निकासी करने पर।