सरकारी व्यय में मितव्ययिता, वित्तीय अनुशासन के लिए वित्त विभाग ने जारी किए निर्देश

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सरकारी व्यय में मितव्ययिता, वित्तीय अनुशासन के लिए वित्त विभाग ने जारी किए निर्देश

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  • Publish Date - May 16, 2026 / 04:35 PM IST,
    Updated On - May 16, 2026 / 04:35 PM IST

रायपुर, 16 मई (भाषा) छत्तीसगढ़ के वित्त विभाग ने सरकारी व्यय में मितव्ययिता और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किया है। इसमें महत्वपूर्ण व्यक्तियों के काफिले में चलने वाले वाहनों की संख्या को नियंत्रण करने, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा और विदेश यात्रा में रोक जैसे उपाय अपनाने पर जोर दिया गया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार के वित्त विभाग ने शासकीय व्यय में मितव्ययिता एवं वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निर्देश जारी किया है। विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार सभी विभागों, संभागीय आयुक्तों, कलेक्टरों तथा विभागाध्यक्षों को सरकारी संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग तथा अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि वित्त विभाग के सचिव डॉक्टर रोहित यादव द्वारा जारी इन निर्देशों का उद्देश्य राज्य के वित्तीय संसाधनों का कुशल प्रबंधन करना और सार्वजनिक व्यय में अनुशासन स्थापित करना है। यह निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं और 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे।

जारी निर्देशों के अनुसार मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद, निगम-मंडल और आयोगों के पदाधिकारियों के वाहनों के काफिले में केवल अत्यावश्यक वाहनों का ही उपयोग किया जाएगा। अन्य शासकीय संसाधनों का भी संयमित उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।

राज्य के शासकीय वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे ईंधन व्यय में कमी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल सके।

पेट्रोल और डीजल पर होने वाले व्यय को न्यूनतम स्तर पर रखने के निर्देश दिए गए हैं। एक ही दिशा में जाने वाले अधिकारियों के लिए वाहन पूलिंग व्यवस्था लागू की जाएगी।

निर्देश के अनुसार अत्यंत अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर राज्य शासन के व्यय पर शासकीय सेवकों की विदेश यात्राओं पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। आवश्यक होने पर मुख्यमंत्री की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

राज्य में भौतिक बैठकों के स्थान पर ऑनलाइन बैठकों को बढ़ावा दिया जाएगा। निर्देशों के अनुसार भौतिक बैठकें यथासंभव माह में एक बार ही आयोजित की जाएंगी और विभागीय समीक्षा बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संचालित होंगी।

कार्यालयीन समय के बाद लाइट, पंखे, एसी और कंप्यूटर जैसे सभी विद्युत उपकरण अनिवार्य रूप से बंद किए जाएंगे। सरकारी भवनों में ऊर्जा की बर्बादी रोकने के लिए आवश्यक उपाय किए जाएंगे।

अधिकारियों ने बताया कि बैठकों में मुद्रित दस्तावेजों के स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक फाइलों (पीडीएफ, पीपीटी आदि) का उपयोग किया जाएगा। साथ ही, कार्यालयीन पत्राचार एवं नोटशीट का संचालन अनिवार्य रूप से ई-आफिस के माध्यम से किया जाएगा, ताकि कागज और स्टेशनरी व्यय में कमी लाई जा सके।

प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए भौतिक प्रशिक्षण के स्थान पर आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल का उपयोग बढ़ाया जाएगा। विभागों को अपने प्रशिक्षण पाठ्यक्रम इस पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि वित्त विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। सरकार का मानना है कि इन उपायों से न केवल सरकारी खर्चों में कमी आएगी, बल्कि प्रशासनिक दक्षता और जवाबदेही में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।

भाषा संजीव रवि कांत रमण

रमण