सरकार ने पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम के दूसरे चरण की जिम्मेदारी टीसीएस को दी

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सरकार ने पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम के दूसरे चरण की जिम्मेदारी टीसीएस को दी

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  • Publish Date - January 7, 2022 / 09:18 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:52 PM IST

नयी दिल्ली, सात जनवरी (भाषा) सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस (टीसीएस) ने शुक्रवार को कहा कि पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम के दूसरे चरण के लिए विदेश मंत्रालय ने उसे चुना है।

टीसीएस ने एक बयान में कहा कि कार्यक्रम के अगले चरण में कंपनी वर्तमान सुविधाओं और प्रणालियों पर नए सिरे से काम करेगी।

कंपनी ई-पासपोर्ट जारी करने के लिए नया तरीका विकसित करेगी और बायोमैट्रिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आधुनिक डेटा एनालिटिक्स, चैटबोट्स, ऑटो-रेस्पांस, प्राकृतिक भाषा प्रक्रिया और क्लाउड जैसी प्रौद्योगिकियों की मदद से लोगों के अनुभव को बेहतर बनाएगी।

पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम की शुरुआत 2008 में हुई थी और इसके तहत टीसीएस ने पासपोर्ट से जुड़ी सेवाएं प्रदान करने के तरीके बदले, प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण किया तथा समयबद्धता, पारदर्शिता और निर्भरता के मामले में वैश्विक मापदंड स्थापित किए।

टीसीएस में सार्वजनिक क्षेत्र के व्यापार इकाई प्रमुख तेज भाटला ने कहा कि डिजिटल इंडिया के निर्माण में टीसीएस महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘हम तकनीक से लैस ई-पासपोर्ट लाएंगे, लेकिन पासपोर्ट बुकलेट देने या प्रिंट करने जैसे संप्रभु कार्य सरकार के पास जारी रहेंगे।’

भाटला ने बताया कि यह पूरी तरह से कागज मुक्त दस्तावेज नहीं होगा क्योंकि वीजा पर स्टांप लगाने जैसा काम जारी रहेगा। इसमें हालांकि जहां भी संभव होगा, वहां कागज के इस्तेमाल को कम किया जाएगा।

टीसीएस ने सौदे के लिए अनुबंध राशि का खुलासा नहीं किया, लेकिन कहा कि यह देश में सबसे बड़ा काम है।

भाषा जतिन

रमण

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