कंपनियों के आत्मविश्वास में सूचकांक सितंबर तिमाही में 41.1 प्रतिशत बढ़ा

कंपनियों के आत्मविश्वास में सूचकांक सितंबर तिमाही में 41.1 प्रतिशत बढ़ा

कंपनियों के आत्मविश्वास में सूचकांक सितंबर तिमाही में 41.1 प्रतिशत बढ़ा
Modified Date: November 29, 2022 / 08:24 pm IST
Published Date: November 2, 2020 5:40 pm IST

नयी दिल्ली, दो नवंबर (भाषा) आर्थिक गतिविधियों में सुधार का संकत देते हुये कंपनियों के आत्मविश्वस संबंधी एनसीएईआर सूचकांक(बीसीआई) में जुलाई-सितंबर 2020 तिमाही में 41.1 प्रतिशत बढ़त दर्ज की गयी है।

व्यावहारिक अर्थशास्त्र पर अध्ययन एवं शोध करने वाले दिल्ली स्थित संस्थान एनसइएआईआर के बीसीआई में दूसरी तिमाही के दौरान यह वृद्धि इस लिहाज से काफी उल्लेखनीय है कि वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल- जून) के दौरान सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 23.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। सरकार द्वारा कोरोना वायरस महामारी पर अंकुश लगाने के लिये चालू वित्त वर्ष की शुरुआत में लॉकडाउन लगाया गया था।

नेशनल काउंसिल आफ एपलायड इकोनोमिक रिसर्च (एनसीएईआर) की यहां जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि लगातार दो तिमाही (2019- 20 की चौथी तिमाही, 2020- 21 की पहली तिमाही) घटने के बाद इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में सूचकांक बढ़कर 65.5 अंक पर पहुंच गया जो इससे पिछली तिमाही की तुलना में 41.1 प्रतिशत ऊंचा है।पहली तिमाही में यह अब तक के सबसे निचले स्तर 46.4 पर पहुंच गया था।

हालांकि साल दर साल आधार पर बीसीआई दूसरी तिमाही में एक साल पहले के मुकाबले 36.5 प्रतिशत नीचे रहा है। यह 2019- 20 की चौथी तिमाही से भी नीचे है। एनसीएईआर की विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘एनसीएईआर बीईएस सर्वे का 114वां दौर यह बताता है कि बेशक कारोबार जगत के आत्मविश्वास में सुधार आ रहा है और यह पहली तिमाही (वर्ष 2020- 21) के न्यूनतम स्तर से उबर रहा है लेकिन फिर भी यह कमजोर बना हुआ है।’’

एनसीएईआर का व्यवसायिक संभावना सर्वे (बीईएस) का 114वां दौर सितंबर 2020 में तब आया जब देश अर्थव्यवसथा को खोलने के चौथे चरण में प्रवेश कर रहा है।

एनसीएईआर इस सुचकांक में कंपनियों से मुख्यत: इन चार बातों के बार में उनकी सोच जानना चाहता है — अगले छह माह के दौरान समूची आर्थिक स्थिति में सुधार आयेगा? क्या अगले छह माह के दौरान कंपनी की वित्तीय स्थिति में सुधार होगा?, छह माह पहले के मुकाबले मौजूदा निवेश परिवेश सकारात्मक हुआ है? और कारखानों की मौजूदा क्षमता इस्तेमाल की स्थिति उनके अधिकतम स्तर से ऊपर चल रही है अथवा उसके करीब है?

भाषा

महाबीर मनोहर

मनोहर


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