नयी दिल्ली, 27 जनवरी (भाषा) वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने मंगलवार को कहा कि भारत ने 27 देशों वाले यूरोपीय संघ (ईयू) के 14 देशों के साथ सामाजिक सुरक्षा समझौते पूरे कर लिए हैं और शेष 13 देशों के साथ अगले पांच साल में इन समझौतों को अंतिम रूप देने की उम्मीद है।
ये समझौते उन भारतीय पेशेवरों को दोहरी सामाजिक सुरक्षा निधि का भुगतान करने से बचाते हैं, जो सीमित समय के लिए यूरोपीय संघ (ईयू) के सदस्य देशों में काम करते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि यह पहली बार है जब यूरोपीय संघ ने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) में सामाजिक सुरक्षा समझौते (एसएसए) को शामिल किया है।
सामाजिक सुरक्षा समझौते सदस्य देशों के अधिकार क्षेत्र में आते हैं और यह यूरोपीय आयोग के अंतर्गत नहीं आता।
अग्रवाल ने संवाददाताओं से कहा, “इसी वजह से अब तक किसी भी यूरोपीय संघ के मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) में सामाजिक सुरक्षा के तहत कोई प्रतिबद्धता शामिल नहीं थी। यह पहला ऐसा एफटीए है जिसमें हमने सामाजिक सुरक्षा को जोड़ा है, क्योंकि यह भारत की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है।”
उन्होंने कहा कि पहले पांच वर्षों के लिए सदस्य राज्यों को एसएसए की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ इस प्रतिबद्धता का विस्तार होगा।
उन्होंने कहा कि पहले पांच वर्षों में यह प्रतिबद्धता धीरे-धीरे बढ़ेगी, साथ ही सदस्य देशों को सामाजिक सुरक्षा समझौतों की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन भी मिलेगा।
भारत और यूरोपीय संघ ने मंगलवार को एफटीए के लिए बातचीत के समापन की घोषणा की। इसके इसी साल लागू होने की संभावना है।
सचिव ने कहा कि ये समझौते स्वाभाविक रूप से द्विपक्षीय तरीके से होने चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘आज हमारे पास 27 सदस्य देशों में से 14 के साथ पहले से ही समझौते हैं और हमें उम्मीद है कि अगले पांच वर्षों में बाकी 13 देशों के साथ भी ये समझौते पूरे हो जाएंगे।’
भाषा योगेश रमण
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