वॉशिंगटन, 27 अगस्त (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि भारत तेजी से वैश्विक विनिर्माण, नवाचार और निर्यात केंद्र के रूप में उभर रहा है।
उन्होंने कनाडाई निवेशकों को भारत और वैश्विक बाजार दोनों की जरूरतों को पूरी करने के मकसद से निवेश करने के लिए आमंत्रित किया।
सीतारमण ने टोरंटो में एक उच्चस्तरीय कारोबारी बैठक को संबोधित करते हुए कहा, “भारत अब केवल एक बड़ा वृद्धि बाजार ही नहीं, बल्कि वैश्विक उत्पादन, नवाचार, सेवाओं और निर्यात के लिए एक मंच के रूप में तेजी से उभर रहा है। सुधारों, डिजिटलीकरण, अवसंरचना में निवेश और लक्षित नीतिगत समर्थन से दीर्घकालिक निवेश के लिए परिवेश लगातार मजबूत हो रहा है।’’
वित्त मंत्री ने कनाडाई कारोबारियों और निवेशकों से भारत को केवल निवेश गंतव्य के रूप में नहीं, बल्कि वैश्विक वृद्धि के लिए साझेदार तथा मंच के रूप में देखने का आग्रह किया। उन्होंने भारत और वैश्विक बाजारों के लिए दीर्घकालिक परिचालन और साझेदारी विकसित करने की अपील की।
सीतारमण ने वित्तीय सेवाओं तथा गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (गिफ्ट सिटी) के अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) में कनाडाई कंपनियों के लिए उपलब्ध अवसरों को भी रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि भारत में सुधारों से आए बदलाव और मजबूत वृद्धि की रफ्तार ने भारत-कनाडा के बीच अधिक मजबूत और निवेश आधारित आर्थिक साझेदारी के निर्माण के अवसर खोले हैं।
सीतारमण ने ‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में आगे बढ़ते हुए कनाडाई निवेश, प्रौद्योगिकी और विशेषज्ञता को भारत के व्यापक बाजार, प्रतिभा और औद्योगिक क्षमताओं के साथ जोड़कर आर्थिक एकीकरण को और गहरा करने का आह्वान किया।
वित्त मंत्री ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों की मूल्य श्रृंखला में भारत और कनाडा को मजबूती के साथ मिलकर काम करने की जरूरत है।
सीतारमण ने कहा कि 2024 में माल एवं सेवाओं में दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार करीब 24 अरब अमेरिकी डॉलर रहा और 2030 तक इसे सालाना आधार पर 70 अरब अमेरिकी डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य है।
इस बैठक का आयोजन टोरंटो स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने कनाडा-भारत बिजनेस काउंसिल और भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के साथ मिलकर किया था।
सीतारमण ने पेमेंट्स कनाडा की अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सुसान हॉकिन्स और सीआईबीसी बैंक के प्रबंध निदेशक एवं अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग प्रमुख वेन ली के साथ अलग-अलग बैठकें भी कीं।
वित्त मंत्री ने ली के साथ बैठक में पिछले एक दशक में भारत में हुए सुधार-आधारित बदलाव का उल्लेख किया।
भाषा यासिर अजय
अजय