Indian Ships Strait of Hormuz: देश में तेल-गैस का संकट होगा ख़त्म!.. ईरान ने दे दी भारतीय जहाज़ों को ‘स्ट्रेट ऑफ हार्मुज’ से गुजरने की इजाजत!..

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Indian ships pass Strait of Hormuz: ईरान ने भारतीय जहाजों को स्ट्रेट ऑफ हार्मुज से गुजरने की अनुमति दी, तेल आपूर्ति संकट कम होने की उम्मीद।

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  • Publish Date - March 12, 2026 / 12:02 PM IST,
    Updated On - March 12, 2026 / 01:46 PM IST

Indian ships pass Strait of Hormuz || Image- ANI News file

HIGHLIGHTS
  • भारतीय जहाजों को स्ट्रेट ऑफ हार्मुज से गुजरने की अनुमति
  • ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत को राहत
  • तेल सप्लाई रुकने का खतरा फिलहाल टला

Indian ships pass Strait of Hormuz: नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत को बड़ी कूटनीतिक सफलता मिली हैं। दरअसल भारतीय झंडे वाले जहाज़ों को स्ट्रेट ऑफ हार्मुज से गुजरने की अनुमति मिल गई है। सूत्रों के मुताबिक भारतीय जहाज़ बुधवार रात और गुरुवार सुबह के बीच सुरक्षित रूप से इस समुद्री रास्ते से आगे बढ़ रहें है। हालाँकि इस मामले में अभी आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।

मध्य एशिया तनाव के बाद बिगड़ी स्थिति (Israel-Iran Conflict News)

इससे पहले सऊदी अरब का कच्चा तेल लेकर आ रहा लाइबेरिया के झंडे वाला एक टैंकर भी इसी रास्ते से होकर भारत पहुंचा था। यह जहाज़ बुधवार को मुंबई पोर्ट महाराष्ट्र में रुका। बता दें कि अमेरिका और इज़राइल के हमलों के बाद ईरान और अमेरिका के बीच बढ़े तनाव के कारण इस समुद्री मार्ग पर जहाज़ों की आवाजाही काफी कम हो गई थी।

विदेश मंत्रियों के बीच हुई बातचीत (India on Israel-Iran War)

Indian ships pass Strait of Hormuz: इसी बीच भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चर्चा की।

दरअसल पिछले करीब दो हफ्तों से अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव बना हुआ है। इस कारण होर्मुज स्ट्रेट, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग दोनों देशों के बीच टकराव का केंद्र बन गया है। ईरान ने इस रास्ते पर अपना नियंत्रण होने का दावा किया है, जबकि अमेरिका इस दावे को चुनौती दे रहा है।

भारत पर दिखने लगा था असर (Fuel Crisis in India)

Indian ships pass Strait of Hormuz: ईरान ने चेतावनी दी है कि जो भी जहाज़ इस समुद्री रास्ते से गुजरना चाहते हैं, उन्हें पहले उसकी अनुमति लेनी होगी। जानकारी के अनुसार दुनिया में रोजाना लगभग 20 मिलियन बैरल कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में अगर इस मार्ग पर आवाजाही रुकती है तो इसका असर वैश्विक बाजार, सप्लाई चेन और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। भारत में तो इसका बुरा असर भी देखने को मिल रहा है।

क्या है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज? (What is the Strait of Hormuz?)

दरअसल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यह एक संकरा समुद्री मार्ग है जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और आगे अरब सागर से जोड़ता है। यह समुद्री मार्ग ईरान और ओमान के बीच स्थित है। दुनिया का लगभग 20% तेल इसी मार्ग से जहाजों के जरिए गुजरता है, जिससे खाड़ी देशों का तेल दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचता है।

इस समुद्री मार्ग की सबसे संकरी चौड़ाई लगभग 33 किमी है और हर दिन करीब 20 मिलियन बैरल कच्चा तेल यहां से ट्रांसपोर्ट होता है। इसलिए अगर यहां तनाव या युद्ध की स्थिति बनती है तो वैश्विक तेल प्रासंगिक, उपलब्धता चेन और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है। इसी वजह से इसे दुनिया का सबसे संवेदनशील तेल “चोक-पॉइंट” माना जाता है और जब ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता है तो यह क्षेत्र वैश्विक चर्चा का केंद्र बन जाता है।

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1. स्ट्रेट ऑफ हार्मुज भारत के लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

क्योंकि भारत के लिए आने वाला बड़ा हिस्सा कच्चे तेल और गैस का इसी समुद्री रास्ते से गुजरता है।

2. भारतीय जहाजों को स्ट्रेट ऑफ हार्मुज से गुजरने की अनुमति क्यों मिली?

ईरान ने चेतावनी के बीच भारतीय जहाजों को सुरक्षा अनुमति दी, जिससे तेल आपूर्ति प्रभावित न हो।

3. अगर होर्मुज स्ट्रेट बंद हो जाए तो क्या असर होगा?

तेल आपूर्ति प्रभावित होगी, वैश्विक बाजार, ईंधन कीमतें और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा।