Indian ships pass Strait of Hormuz || Image- ANI News file
Indian ships pass Strait of Hormuz: नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत को बड़ी कूटनीतिक सफलता मिली हैं। दरअसल भारतीय झंडे वाले जहाज़ों को स्ट्रेट ऑफ हार्मुज से गुजरने की अनुमति मिल गई है। सूत्रों के मुताबिक भारतीय जहाज़ बुधवार रात और गुरुवार सुबह के बीच सुरक्षित रूप से इस समुद्री रास्ते से आगे बढ़ रहें है। हालाँकि इस मामले में अभी आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।
Iran to allow Indian-flagged ship to pass safely through the Strait of Hormuz: Sources pic.twitter.com/BKo9RXDBVR
— ANI (@ANI) March 12, 2026
इससे पहले सऊदी अरब का कच्चा तेल लेकर आ रहा लाइबेरिया के झंडे वाला एक टैंकर भी इसी रास्ते से होकर भारत पहुंचा था। यह जहाज़ बुधवार को मुंबई पोर्ट महाराष्ट्र में रुका। बता दें कि अमेरिका और इज़राइल के हमलों के बाद ईरान और अमेरिका के बीच बढ़े तनाव के कारण इस समुद्री मार्ग पर जहाज़ों की आवाजाही काफी कम हो गई थी।
Indian ships pass Strait of Hormuz: इसी बीच भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चर्चा की।
A detailed conversation this evening with Foreign Minister @araghchi of Iran on the latest developments regarding the ongoing conflict. We agreed to remain in touch.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) March 10, 2026
दरअसल पिछले करीब दो हफ्तों से अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव बना हुआ है। इस कारण होर्मुज स्ट्रेट, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग दोनों देशों के बीच टकराव का केंद्र बन गया है। ईरान ने इस रास्ते पर अपना नियंत्रण होने का दावा किया है, जबकि अमेरिका इस दावे को चुनौती दे रहा है।
Indian ships pass Strait of Hormuz: ईरान ने चेतावनी दी है कि जो भी जहाज़ इस समुद्री रास्ते से गुजरना चाहते हैं, उन्हें पहले उसकी अनुमति लेनी होगी। जानकारी के अनुसार दुनिया में रोजाना लगभग 20 मिलियन बैरल कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में अगर इस मार्ग पर आवाजाही रुकती है तो इसका असर वैश्विक बाजार, सप्लाई चेन और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। भारत में तो इसका बुरा असर भी देखने को मिल रहा है।
दरअसल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यह एक संकरा समुद्री मार्ग है जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और आगे अरब सागर से जोड़ता है। यह समुद्री मार्ग ईरान और ओमान के बीच स्थित है। दुनिया का लगभग 20% तेल इसी मार्ग से जहाजों के जरिए गुजरता है, जिससे खाड़ी देशों का तेल दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचता है।
इस समुद्री मार्ग की सबसे संकरी चौड़ाई लगभग 33 किमी है और हर दिन करीब 20 मिलियन बैरल कच्चा तेल यहां से ट्रांसपोर्ट होता है। इसलिए अगर यहां तनाव या युद्ध की स्थिति बनती है तो वैश्विक तेल प्रासंगिक, उपलब्धता चेन और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है। इसी वजह से इसे दुनिया का सबसे संवेदनशील तेल “चोक-पॉइंट” माना जाता है और जब ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता है तो यह क्षेत्र वैश्विक चर्चा का केंद्र बन जाता है।