नयी दिल्ली, 18 मार्च (भाषा) सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र की प्रमुख कंपनी कॉग्निजेंट के मुख्य एआई अधिकारी बाबक होदजात ने कहा है कि कृत्रिम मेधा (एआई) को अपनाने के मामले में भारत दुनिया में एक ‘विशिष्ट’ स्थिति में है।
उन्होंने इसके पीछे भारत के मजबूत प्रौद्योगिकी आधार और डिजिटल प्रणालियों की गहरी समझ रखने वाले विशाल कार्यबल को बड़ी वजह बताया।
होदजत ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि भले ही एआई उपकरण अब खुद सॉफ्टवेयर ‘कोड’ तैयार कर रहे हैं, लेकिन जटिल प्रणाली बनाने और एआई द्वारा किए गए काम की गुणवत्ता की जांच करने के लिए इंसानी विशेषज्ञों की जरूरत हमेशा बनी रहेगी।
उन्होंने स्पष्ट किया, ‘एआई का इस्तेमाल करने वाला एक प्रोग्रामर, एआई का इस्तेमाल करने वाले किसी भी गैर-प्रोग्रामर की तुलना में हमेशा आगे रहेगा। भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी प्रौद्योगिकी-दक्ष आबादी है, जो एआई के विस्तार को नई रफ्तार देगी।’
होदजात के अनुसार, जिन लोगों को कंप्यूटर प्रणाली और काम करने के तरीकों की अच्छी समझ है, वे अलग-अलग उद्योगों में एआई प्रौद्योगिकी को लागू करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कंपनी के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि कॉग्निजेंट अब एक ‘एआई निर्माता’ कंपनी बन गई है, जो दूसरी कंपनियों को एआई प्रौद्योगिकी अपनाने में मदद कर रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि खुद उनकी कंपनी के भीतर भी एआई द्वारा तैयार किए जाने वाले ‘कोड’ का हिस्सा लगातार बढ़ रहा है और यह अब तक 30 प्रतिशत तक पहुंच चुका है।
भाषा सुमित अजय
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