उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था सुधरने, प्रशासन में पारदर्शिता से आकर्षित हो रहे निवेशक: आदित्यनाथ

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उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था सुधरने, प्रशासन में पारदर्शिता से आकर्षित हो रहे निवेशक: आदित्यनाथ

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  • Publish Date - December 2, 2020 / 02:50 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:47 PM IST

मुंबई, दो दिसंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को दावा किया कि कानून व्यवस्था की स्थिति सुधरने तथा कामकाज में पारदर्शिता आने से प्रदेश को लेकर निवेशकों की रूचि बढ़ी है।

मुख्यमंत्री ने देश की वित्तीय राजधानी कहे जाने वाले इस महानगर में दो दिन के अपने कार्यक्रम के दौरान कुछ उद्योगपतियों के साथ बैठक के बाद यह बात कही। उन्होंने जिन उद्योगपतियों के साथ बैठक की, उनमें टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन, हीरानंदानी ग्रुप ऑफ कंपनीज के सह-संस्थापक और प्रबंध निदेशक निरंजन हीरानंदानी, एल एंड टी के एस एन सुब्रमणियम और भारत फोर्ज के बाबा कल्याणी शामिल हैं।

यहां संवाददातओं से बातचीत में आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘लोग अब और निवेश करना चाह रहे हैं क्योंकि कानून व्यवस्था की स्थिति अब बेहतर है और शासन- प्रशासन में पारदर्शिता है।’’

उन्होंने कहा कि वह लखनऊ में उद्योगपतियों के साथ बैठक करते रहते हैं लेकिन उन्होंने सोचा कि वित्तीय राजधानी के दौरे के दौरान उनके साथ बैठक उपयुक्त होगी।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश कोविड नजरिये से सुरक्षित राज्य है और मुफ्त में परीक्षण तथा उपचार जैसे उपायों से संक्रमण को बेहतर तरीके से काबू करने में कामयाब रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य एक्सप्रेसवे और हवाईअड्डा जैसी परियोजनाओं के जरिये मूल ढांचागत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान दे रहा है।

आदित्यनाथ ने कहा कि रक्षा विनिर्माण गलियारे पर भी काम जारी है।

इससे पहले, दिन में वह एशिया के सबसे बड़े शेयर बाजार बीएसई में लखनऊ नगर निगम के हाल में जारी बांड के सूचीबद्ध होने के मौके पर आयोजित कार्य्रक्रम में शामिल हुए।

लखनऊ नगर निगम ने पिछले महीने म्यूनिसिपल बांड से 200 करोड़ रुपये जुटाए। निगम के दस साल की अवधि के बांड पर पर 8.5 प्रतिशत की ब्याज दर है।

आदित्यनाथ ने कहा है कि लखनऊ नगर निगम के बाद गाजियाबाद उत्तर प्रदेश का दूसरा ऐसा स्थानीय निकाय होगा, जो म्यूनिसिपल बांड जारी कर पैसा जुटाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके सत्ता में आने के बाद से राज्य में तीन लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है।

भाषा

रमण महाबीर

महाबीर