भारत की वृद्धि गाथा का कर्नाटक एक प्रमुख स्तंभः एम बी पाटिल

भारत की वृद्धि गाथा का कर्नाटक एक प्रमुख स्तंभः एम बी पाटिल

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  • Publish Date - January 20, 2026 / 06:12 PM IST,
    Updated On - January 20, 2026 / 06:12 PM IST

(बरुण झा)

दावोस, 20 जनवरी (भाषा) कर्नाटक को भारत की आर्थिक वृद्धि की कहानी का एक मजबूत स्तंभ बताते हुए राज्य के वरिष्ठ मंत्री एम बी पाटिल ने कहा है कि भारत की असली ताकत उसकी संघीय संरचना में निहित है और कर्नाटक सहकारी संघवाद का प्रमुख उदाहरण है।

पाटिल ने स्विट्जरलैंड के दावोस में जारी विश्व आर्थिक मंच की सालाना बैठक के दौरान ‘इंडिया पैवेलियन’ के उद्घाटन समारोह में कहा कि दावोस में भारत की मौजूदगी का व्यापक स्तर इसके आत्मविश्वास और एकजुटता को दर्शाता है।

कई केंद्रीय मंत्रियों और अन्य राज्यों के नेताओं की मौजूदगी में पाटिल ने कहा कि यह दुनिया के लिए स्पष्ट संदेश है कि भारत केवल वैश्विक वृद्धि में भागीदार नहीं है, बल्कि उसे दिशा देने में भी भूमिका निभा रहा है।

पाटिल ने कहा, “हमारा संदेश बिल्कुल स्पष्ट है और वह एक मजबूत कर्नाटक और एक मजबूत भारत का है।”

उन्होंने कहा कि आज का भारत एक गतिशील राष्ट्र की कहानी को प्रतिबिंबित करता है जो आकांक्षी, महत्वाकांक्षी और वैश्विक स्तर पर सक्रिय है।

कर्नाटक के विशाल एवं मध्यम उद्योग मंत्री ने कहा कि यह रफ्तार लगातार कई वर्षों के प्रयासों, जुझारूपन से भरे सुधारों और सहयोग का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि का सफर पूर्व प्रधानमंत्री पी वी नरसिंह राव के दौर में शुरू हुआ था और बाद में मनमोहन सिंह, अटल बिहारी वाजपेयी और अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे आगे बढ़ाया।

पाटिल ने इस बात पर जोर दिया कि यह सामूहिक सफलता है, जिसमें केंद्र और राज्यों के मिलकर काम करने से देश को मजबूती मिली है।

उन्होंने कहा कि भारत की ताकत उसकी संघीय व्यवस्था में है, जहां केंद्र और राज्य मिलकर काम करते हैं।

कर्नाटक की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य देश की आईटी राजधानी होने के साथ वैमानिकी एवं रक्षा क्षेत्र का भी प्रमुख केंद्र है। इसके अलावा कर्नाटक मशीनी उपकरणों और स्टार्टअप में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

पाटिल ने कहा, “कर्नाटक को खास बनाने वाली सिर्फ हमारी नीतियां नहीं हैं, बल्कि हमारे लोग, संस्थान और नवाचार की संस्कृति भी है।”

उन्होंने केंद्र एवं राज्य, सरकार एवं उद्योग और भारत एवं विश्व के बीच साझेदारी को राज्य की ताकत बताया।

उन्होंने कहा, “भारत की वृद्धि की कहानी एक साझा कहानी है और कर्नाटक को इस कहानी का एक मजबूत स्तंभ होने पर गर्व है।”

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण