(LPG Cylinder Price 24 May 2026/ Image Credit: ANI News)
नई दिल्ली: LPG Cylinder Price 24 May 2026 in India: एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल एक राहत की खबर है। आज एक बार फिर घरेलू और कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। मार्च के बाद से घरेलू सिलेंडर के दाम लगातार स्थिर बने हुए हैं। बढ़ती महंगाई के बीच यह स्थिरता लोगों के लिए थोड़ी राहत दे रही है।
देश के प्रमुख शहरों में एलपीजी के रेट पहले जैसे ही बने हुए हैं। नई दिल्ली में घरेलू सिलेंडर 913 रुपये और कॉमर्शियल सिलेंडर 3071.50 रुपये है। मुंबई में यह क्रमशः 912.50 रुपये और 3024 रुपये है। कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरू, हैदराबाद, लखनऊ और पटना जैसे शहरों में भी कीमतें बिना किसी बदलाव के जारी हैं। इससे उपभोक्ताओं को किसी अतिरिक्त खर्च का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
| शहर | घरेलू सिलेंडर (₹) | कॉमर्शियल सिलेंडर (₹) |
| नई दिल्ली | 913 | 3071.5 |
| कोलकाता | 939 | 3202 |
| मुंबई | 912.5 | 3024 |
| चेन्नई | 928.5 | 3237 |
| बेंगलुरू | 915.5 | 3152 |
| भुवनेश्वर | 939 | 3238 |
| चंडीगढ़ | 922.5 | 3092.5 |
| हैदराबाद | 965 | 3315 |
| गुरुग्राम | 921.5 | 3088 |
| नोएडा | 910.5 | 3071.5 |
| जयपुर | 916.5 | 3099 |
| लखनऊ | 950.5 | 3194 |
| पटना | 1002.5 | 3346.5 |
हालांकि एलपीजी के दाम स्थिर है लेकिन दूसरी तरफ सीएनजी की कीमतों में हाल ही में बढ़ोतरी की गई है। शनिवार को दिल्ली में सीएनजी के दाम 1 रुपये प्रति किलो तक बढ़ा दिए गए थे। पेट्रोल और डीजल की ऊंची कीमतों के बीच यह बदलाव वाहन चालकों के लिए थोड़ी चिंता का कारण बना हुआ है।
एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में आखिरी बार बड़ा बदलाव मार्च महीने में किया गया था। उस समय घरेलू सिलेंडर के दाम में लगभग 60 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई थी। वहीं कॉमर्शियल सिलेंडर के रेट में भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, युद्ध के बाद से कॉमर्शियल सिलेंडर के दामों में करीब 47 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी गई है।
सरकार ने एलपीजी वितरण प्रणाली को और सख्त कर दिया है ताकि कालाबाजारी रोकी जा सके। अब सिलेंडर की डिलीवरी के लिए ओटीपी अनिवार्य कर दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन और शहरी क्षेत्रों में 25 दिन के बाद ही नई बुकिंग संभव है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 90 प्रतिशत एलपीजी विदेशों से आयात करता है। इसलिए सप्लाई को बनाए रखने के लिए सरकार घरेलू उत्पादन बढ़ाने और आयात को मजबूत करने पर काम कर रही है।