बजट से मप्र का उद्योग-व्यापार जगत खुश, सोयाबीन क्षेत्र पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत

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बजट से मप्र का उद्योग-व्यापार जगत खुश, सोयाबीन क्षेत्र पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत

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  • Publish Date - February 1, 2026 / 07:39 PM IST,
    Updated On - February 1, 2026 / 07:39 PM IST

इंदौर, एक फरवरी (भाषा) वित्त वर्ष 2026-27 के आम बजट पर मध्यप्रदेश के उद्योग-व्यापार जगत ने रविवार को प्रसन्नता जताई और कहा कि बजट के प्रावधानों से आर्थिक वृद्धि को बल मिलेगा।

उद्योग निकाय भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की राज्य परिषद के अध्यक्ष सिद्धार्थ सेठी ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), रोजगार सृजन और कौशल विकास को बढ़ावा देने पर केंद्रित बजट प्रस्तावों की सराहना की।

उन्होंने कहा,‘‘ऋण तक आसान पहुंच और बेहतर सहायता प्रणालियों से खास तौर पर मध्यप्रदेश में एमएसएमई के पारिस्थितिक तंत्र को काफी बढ़ावा मिलेगा।’’

एमएसएमई क्षेत्र के संगठन ‘एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज मध्यप्रदेश’ के अध्यक्ष योगेश मेहता ने कहा कि बजट में विनिर्माण क्षेत्र और क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा, ”यह बजट भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में मददगार साबित होगा।”

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमेशचंद्र गुप्ता ने कहा कि बजट विनिर्माण एवं निर्यात को बढ़ावा देने वाला है और इससे व्यापारियों को भी फायदा होगा।

प्रसंस्करणकर्ताओं के संगठन सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) के अध्यक्ष डेविश जैन ने कहा कि बजट कृषि विकास और खाद्य तेलों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाता है। मध्यप्रदेश देश का सबसे बड़ा सोयाबीन उत्पादक राज्य है।

जैन ने सोयाबीन और खाद्य तेल क्षेत्र के लिए अधिक लक्षित और स्पष्ट नीतिगत समर्थन की आवश्यकता पर बल दिया और कहा,‘‘अगर बजट में सोयाबीन के लिए ठोस और विशिष्ट उपायों की घोषणा की जाती, तो इसका प्रभाव ज्यादा मजबूत हो सकता था।’’

स्टार्टअप के लिए काम करने वाले संगठन ‘इनवेस्ट इंदौर’ के सचिव सावन लड्ढा ने कहा कि बजट, सूचना प्रौद्योगिकी और स्टार्ट-अप पारिस्थितिक तंत्र के लिए स्थिरता और दीर्घकालिक सोच का संकेत देता है।

उन्होंने कहा, ”बजट में डिजिटल बुनियादी ढांचे, कौशल विकास और स्टार्टअप के लिए कारोबारी सुगमता पर दिया गया विशेष जोर सराहनीय है। यदि बजट के प्रस्तावों का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ, तो छोटे शहरों में भी प्रौद्योगिकी क्षेत्र और स्टार्टअप की वृद्धि को नयी गति मिलेगी।”

भाषा हर्ष नोमान पाण्डेय

पाण्डेय