ज्यादातर तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट का रुख, मूंगफली अपरिवर्तित

Ads

ज्यादातर तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट का रुख, मूंगफली अपरिवर्तित

  •  
  • Publish Date - January 29, 2024 / 08:48 PM IST,
    Updated On - January 29, 2024 / 08:48 PM IST

नयी दिल्ली, 29 जनवरी (भाषा) विदेशी बाजारों में गिरावट के रुख के बीच देश के तेल-तिलहन बाजारों में सोमवार को मूंगफली को छोड़कर बाकी सभी तेल-तिलहनों के दाम हानि दर्शाते बंद हुए।

शिकॉगो और मलेशिया एक्सचेंज में गिरावट का रुख था।

बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि पैसों की तंगी के बीच लिवाली कमजोर रहना खाद्य तेल कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण है। सरसों की नयी फसल थोड़ी बहुत मात्रा में मंडियों में आना शुरू हो गई है और किसानों में भी घबराहट का माहौल है क्योंकि पिछले साल की सरसों भी बची हुई है। जिस तरह आयातित खाद्य तेलों का थोक भाव जमीन पर आ रहा है उससे देशी तेल-तिलहनों पर भारी दबाव है और देशी तेल- तिलहन बेपड़ता होते जा रहे हैं।

सॉफ्ट आयल का आयात भी कम हुआ है। तेल उद्योग, आयातक, व्यापारी, तिलहन किसान, तेल पेराई मिलें सभी की हालत, बेपड़ता कारोबार के बीच पस्त हो चली है। देशी तेल-तिलहन आयतित तेलों के मुकाबले महंगे (बेपड़ता) हैं और इनके खपने के आसार लुप्त दिख रहे हैं। यह सब उस देश में हो रहा है जो अपनी खाद्य तेल जरूरत का लगभग 55 प्रतिशत आयात करता है। जहां तक उपभोक्ताओं को सस्ता खाद्य तेल मिलने की बात है तो बेशक थोक दाम में जरूर गिरावट दिख रही है पर खुदरा बाजार में वह नौबत नहीं आई है और वहां इन्हीं सस्ते तेलों को महंगे में बेचा जा रहा है।

सूत्रों ने कहा कि तेल तिलहन उद्योग अपने अस्तित्व के संकट से जूझ रहा है और खाद्य तेल संगठनों की यह घोर विफलता है कि पिछले लगगभ 30 वर्षों से वे सरकार को खाद्य तेल उद्योग की समस्या से रूबरू नहीं करा सके। सभी देशी तिलहनों के भाव न्यनूतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे हो चले हैं।

कमजोर मांग के बीच मूंगफली तेल-तिलहन के भाव अपरिवर्तित रहे। जबकि लिवाली कमजोर रहने से सरसों, मूंगफली, सोयाबीन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन और बिनौला तेल कीमतों में गिरावट देखी गई। सोयाबीन तेल-तिलहन के भाव में जोरदार गिरावट देखी गई।

सोमवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन – 5,310-5,360 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली – 6,300-6,375 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 14,750 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,210-2,485 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 9,800 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,680 -1,775 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,680 -1,780 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी – 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 9,600 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,450 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,075 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,075 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 8,300 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,100 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 8,350 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना – 4,630-4,660 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,440-4,480 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,050 रुपये प्रति क्विंटल।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय