राष्ट्रीय सहकारिता नीति को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए मिलकर काम करना होगा: सरकार
राष्ट्रीय सहकारिता नीति को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए मिलकर काम करना होगा: सरकार
नयी दिल्ली, नौ जून (भाषा) सहकारिता सचिव आशीष कुमार भूटानी ने मंगलवार को सभी अंशधारकों से ‘राष्ट्रीय सहकारिता नीति 2025’ को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए मिलकर काम करने को कहा। इस नीति में सहकारी संगठनों को सशक्त बनाने के लिए एक व्यापक ढांचा तैयार किया गया है।
सहकारिता मंत्रालय सहकारी क्षेत्र को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए कई पहल कर रहा है।
एक सरकारी बयान के अनुसार, ‘राष्ट्रीय सहकारिता नीति 2025’ के तहत गठित ‘राष्ट्रीय स्तर की नीति कार्यान्वयन और निगरानी समिति’ की पहली बैठक यहां आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता सहकारिता मंत्रालय के सचिव और समिति के अध्यक्ष आशीष कुमार भूटानी ने की।
समिति ने नीति के प्रभावी कार्यान्वयन के प्रारूप पर विचार-विमर्श किया।
इस नीति का लक्ष्य वर्ष 2035 तक सहकारी सदस्यता को 50 करोड़ तक बढ़ाना और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में इस क्षेत्र के योगदान को तीन गुना करना है।
देश में 8.44 लाख से अधिक सहकारी समितियां हैं, जिनमें दो लाख क्रेडिट (ऋण प्रदाता) सहकारी समितियां और छह लाख नॉन-क्रेडिट (गैर-ऋण प्रदाता) सहकारी समितियां शामिल हैं। नॉन-क्रेडिट सहकारी समितियां आवास, डेयरी, मत्स्य पालन और अन्य क्षेत्रों में काम करती हैं। 30 करोड़ से अधिक सदस्यों के साथ, सहकारी समितियां एक प्रमुख सामाजिक-आर्थिक माध्यम बनी हुई हैं।
समिति को संबोधित करते हुए, भूटानी ने सभी अंशधारकों से राष्ट्रीय नीति के उद्देश्यों को जमीनी स्तर तक ले जाने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।
सचिव ने कहा, ‘‘मजबूत, पारदर्शी और आधुनिक सहकारी संस्थान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान करेंगे और वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।’’
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह नीति सहकारी समितियों को पारदर्शी, तकनीक-सक्षम, पेशेवर रूप से प्रबंधित और सदस्य-केंद्रित आर्थिक संस्थान बनाने के लिए एक व्यापक ढांचा प्रदान करती है।
बैठक के दौरान, सहकारी सदस्यता का विस्तार करने, सहकारी संस्थानों के आर्थिक योगदान को बढ़ाने, महिलाओं, युवाओं और छोटे किसानों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने और सहकारी उद्यमों को नए बाजारों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में इफको के चेयरमैन दिलीप संघानी, सहकारिता मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव सिद्धार्थ जैन और सहकारिता मंत्रालय के संयुक्त सचिव आनंद कुमार झा, रमन कुमार और शिव पाल सिंह सहित अन्य लोग शामिल हुए।
भाषा राजेश राजेश अजय
अजय

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