मुंबई, 28 सितंबर (भाषा) जापानी ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत संरचनात्मक आधार को ध्यान में रखते हुए भारतीय शेयर बाजार को ‘तटस्थ’ से बढ़ाकर ‘भारी-भरकम’ श्रेणी में डाल दिया है।
नोमुरा ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि भारत विनिर्माण संबंधी ‘चीन प्लस वन’ रणनीति का प्रमुख लाभार्थी है और इसका शेयर बाजार भी विशाल एवं तरल है।
ब्रोकरेज फर्म के विश्लेषकों ने रिपोर्ट में कहा, ‘भारत की संरचनात्मक कहानी अब ‘चीन प्लस वन’ विषयवस्तु के एक प्रमुख लाभार्थी के रूप में जानी जाती है, जिसके पास एक बड़ा और तरल बाजार है।’’
नोमुरा के मुताबिक, भारतीय शेयर बाजार ‘के’ आकार वाली वृद्धि से लाभांवित हो रहा है। हालांकि के-आकार वाली वृद्धि से समतामूलक वृद्धि को लेकर काफी आशंकाएं जताई जा रही हैं क्योंकि इससे अमीर लोग अधिक अमीर होते जा रहे हैं जबकि गरीब तबके की हालत बिगड़ती जा रही है।
नोमुरा ने कहा, ‘‘शेयर बाजार को के-आकार वाली अर्थव्यवस्था से फायदा हो रहा है। बढ़ी ब्याज दरों के बावजूद उच्च आय में वृद्धि वाला बाजार, आय में सुधार और घरेलू प्रवाह बने रहने से भी इसे लाभ हो रहा है।’
ब्रोकरेज फर्म ने यह माना कि भारतीय शेयर बाजार ‘महंगा’ हो चुका है लेकिन नीतिगत एवं सरकारी निरंतरता की स्थिति में इसके कायम रहने की संभावना है।
इसके साथ ही नोमुरा ने मई, 2024 में आसन्न लोकसभा चुनावों से संबंधित राजनीतिक गतिविधियों और ऊंची तेल कीमतों को लेकर आगाह भी किया है।
नोमुरा ने कहा कि पिछले कुछ दिन में कच्चे तेल के दामों में तेजी के बीच भारतीय बाजार में आई नरमी इस बाजार में अधिक निवेश करने का एक मौका है।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
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