जियो प्लेटफॉर्म्स में हितधारकों की भागीदारी बढ़ाने के विकल्पों पर विचारः अंबानी

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जियो प्लेटफॉर्म्स में हितधारकों की भागीदारी बढ़ाने के विकल्पों पर विचारः अंबानी

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  • Publish Date - May 29, 2026 / 10:24 PM IST,
    Updated On - May 29, 2026 / 10:24 PM IST

नयी दिल्ली, 29 मई (भाषा) रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा है कि आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए घोषित समयसीमा नजदीक आने के साथ जियो प्लेटफॉर्म्स में व्यापक हितधारक भागीदारी के लिए विभिन्न विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।

आरआईएल की वार्षिक आम बैठक 2025 में अंबानी ने कहा था कि जियो का आईपीओ 2026 की पहली छमाही में लाया जाएगा।

अंबानी ने आरआईएल की बृहस्पतिवार को जारी वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के संस्थागत ढांचे को मजबूत करने, पारदर्शिता बढ़ाने और इसे वैश्विक प्रौद्योगिकी अगुवा बनाने की दिशा में कदम उठा रही है।

उन्होंने कहा, “हम ऐसे रणनीतिक विकल्पों का मूल्यांकन जारी रखेंगे, जिनसे हितधारकों की भागीदारी बढ़ सके और जियो की दीर्घकालिक वृद्धि को समर्थन मिले। इसके साथ ही टिकाऊ मूल्य सृजन का सिद्धांत भी कायम रहे।”

आरआईएल के पास जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (जेपीएल) में 66.43 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसमें वैश्विक कंपनियों मेटा एवं गूगल की भी हिस्सेदारी है।

विश्लेषकों का अनुमान है कि जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम हो सकता है। इसका मूल्यांकन 130 अरब डॉलर से 180 अरब डॉलर के बीच रहने का अनुमान है।

वित्त वर्ष 2025-26 में जियो प्लेटफॉर्म्स का शुद्ध लाभ 15 प्रतिशत बढ़कर 30,053 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 26,120 करोड़ रुपये था। इस दौरान कंपनी का परिचालन राजस्व 14.5 प्रतिशत बढ़कर 1,46,885 करोड़ रुपये पहुंच गया।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण