Paytm Reaction on RBI License Revoked Decision || Image- IBC24 News File
मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को पेटीएम पेमेंट्स बैंक को जारी किया गया बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया था। (Paytm Reaction on RBI License Revoked Decision) रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया के इस फैसले के बाद पेटीएम ने विज्ञप्ति जारी किया है।
पेटीएम ने कहा है कि, “पेटीएम पेमेंट बैंक लिमिटेड (PPBL) पर हाल ही में की गई नियामक कार्रवाई का Paytm (One 97 Communications Ltd) पर कोई वित्तीय या व्यावसायिक प्रभाव नहीं है। हमारा PPBL के साथ कोई संबंध या महत्वपूर्ण व्यावसायिक समझौता नहीं है, और न ही हम इसके साथ साझेदारी में कोई सेवाएं प्रदान करते हैं।”
पेटीएम ने आगे कहा है कि, “PPBL स्वतंत्र रूप से काम करता है, और Paytm का इसके बोर्ड या प्रबंधन में कोई दखल नहीं है। यह मामला पूरी तरह से PPBL से संबंधित है और इसे Paytm से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। Paytm ऐप, Paytm UPI, Paytm Gold, Paytm QR, Paytm Soundbox, Paytm कार्ड मशीन, Paytm पेमेंट गेटवे, Paytm Money और सहायक कंपनियों और सहयोगी कंपनियों द्वारा दी जाने वाली अन्य सभी सेवाएं निर्बाध रूप से संचालित हो रही हैं।”
गौरतलब है कि, भारतीय रिज़र्व बैंक ने 24 अप्रैल से पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है। आरबीआई ने कहा है कि वह इस बैंक को बंद करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। (Paytm Reaction on RBI License Revoked Decision) गौरतलब है कि, यह फैसला बैंक के कामकाज पर पहले लगाई गई कई पाबंदियों के बाद उठाया गया एक और सख़्त रेगुलेटरी एक्शन है।
केंद्रीय बैंक के 24 अप्रैल के आदेश के अनुसार, इस बैंक पर तत्काल प्रभाव से बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के तहत परिभाषित बैंकिंग कारोबार करने या कानून के तहत अनुमति प्राप्त कोई भी अतिरिक्त गतिविधि करने पर रोक लगा दी गई है। रिज़र्व बैंक ने कहा कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक के पास बैंक को बंद करने की प्रक्रिया के दौरान जमाकर्ताओं की सभी देनदारियों का भुगतान करने के लिए पर्याप्त लिक्विडिटी (नकदी) मौजूद है।
यह कदम पिछले चार वर्षों में बैंक पर लगाई गई पिछली सुपरवाइज़री पाबंदियों के बाद उठाया गया है। मार्च 2022 से ही बैंक को नए ग्राहक जोड़ने से रोक दिया गया था। (Paytm Reaction on RBI License Revoked Decision) इसके बाद जनवरी 2024 और फरवरी 2024 में घोषित पाबंदियों के तहत, मौजूदा ग्राहकों के खातों, प्रीपेड इंस्ट्रूमेंट्स और वॉलेट में आगे कोई भी जमा, क्रेडिट या टॉप-अप करने पर रोक लगा दी गई थी।
रेगुलेटर ने लाइसेंस रद्द करने के लिए कई आधार बताए हैं। उसने कहा कि बैंक का कामकाज ऐसे तरीके से चलाया जा रहा था जो बैंक और उसके जमाकर्ताओं के हितों के लिए नुकसानदायक था, जबकि बैंक के मैनेजमेंट का रवैया जमाकर्ताओं और आम जनता के हितों के प्रतिकूल था। रेगुलेटर ने लाइसेंस रद्द करने के लिए कई आधार बताए हैं। उसने कहा कि बैंक का कामकाज ऐसे तरीके से चलाया जा रहा था जो बैंक और उसके जमाकर्ताओं के हितों के लिए नुकसानदायक था, जबकि बैंक के मैनेजमेंट का रवैया जमाकर्ताओं और आम जनता के हितों के प्रतिकूल था।
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