Petrol Diesel Price 16 March 2026: पेट्रोल 15, डीजल और केरोसिन 10 रुपए महंगा, रसोई गैस के दाम में भी 200 से ज्यादा की बढ़ोतरी, ऑयल कॉर्पोरेशन ने कहा- जरूरी थी मूल्य वृद्धि

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Petrol Diesel Price 16 March 2026: पेट्रोल 15, डीजल और केरोसिन 10 रुपए महंगा, रसोई गैस के दाम में भी 200 से ज्यादा की बढ़ोतरी, ऑयल कॉर्पोरेशन ने कहा- जरूरी थी मूल्य वृद्धि

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  • Publish Date - March 16, 2026 / 08:58 AM IST,
    Updated On - March 16, 2026 / 08:58 AM IST

Petrol Diesel Price 16 March 2026: पेट्रोल 15, डीजल और केरोसिन 10 रुपए महंगा, रसोई गैस के दाम में भी 200 से ज्यादा की बढ़ोतरी/ Image: IBC24 Customized

HIGHLIGHTS
  • पेट्रोल में ₹15, डीजल में ₹10 और केरोसिन में ₹10 प्रति लीटर की वृद्धि
  • घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर के दाम में ₹296 का इजाफा किया
  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के चलते लिया फैसला

बिजनेस: Petrol Diesel Price 16 March 2026: ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते युद्ध के तनाव के चलते जहां एक ओर दुनिया के कई देशों में गैस की किल्लत देखने को मिल रही है तो दूसरी ओर पेट्रोल-डीजल के दाम भी तेजी से बढ़ रहे हैं। पाकिस्तान जैसे देशों में तो पेट्रोल-डीजल की खपत और कीमत को देखते हुए सरकार ने यहां कई पाबंदी लगा दी है और कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम दे दिया गया है। हालांकि भारत में फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन पड़ोसी देश नेपाल ने बीती रात पेट्रोल-डीजल के दाम में बढ़ोतरी कर दी है। पेट्रोल-डीजल के नए रेट आज से लागू कर दिए गए हैं।

पेट्रोल 15,और डीजल 10 रुपए महंगा

Petrol Diesel Price 16 March 2026: मिली जानकारी के अनुसार नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन ने पेट्रोल के दाम में 15 और डीजल की कीमत में 10 रुपए की बढ़ोतरी की है। साथ ही केरोसिन भी 10 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया है। ऑयल कॉर्पोरेशन की ओर से जारी नए रेट के बाद अब आम जनता को पेट्रोल के लिए 172 रुपए प्रति लीटर भुगतान करना होगा। जबकि एक लीटर डीजल के लिए 152 रुपए देना होगा। कॉर्पोरेशन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हालात और वैश्विक ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण यह मूल्य वृद्धि ज़रूरी थी, जिसका संबंध अमेरिका, इज़रायल और ईरान के बीच तनाव से है।

रसोई गैस के दाम में भी 200 से ज्यादा की बढ़ोतरी

वहीं, ऑयल कॉर्पोरेशन ने घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में भी बढ़ोतरी कर दी है। रसोई गैस 296 रुपए महंगा हो गया है, जिसके बाद अब प्रति सिलेंडर 2,126 रुपए का हो गया है। निगम का तर्क है कि चूंकि नेपाल खुद तेल का उत्पादन नहीं करता और वह अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए पूरी तरह से ग्लोबल मार्केट पर निर्भर है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में होने वाली जरा सी हलचल का सीधा असर यहां की जनता पर पड़ता है। निगम के अनुसार, तेल कीमतों का भुगतान करने और सप्लाई को सुचारू रखने के लिए यह कड़ा कदम उठाना अनिवार्य था।

कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार

बता दें कि हाल ही में पाकिस्तान और श्रीलंका की सरकार ने भी पेट्रोल-डीजल के रेट में ताबड़तोड़ बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद से यहां की जनता बेहद परेशान है। वहीं दूसरी ओर कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा होने के बाद भी भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई असर देखने को नहीं मिला है। वैसे बीते सोमवार को सरकारी सूत्रों की ओर से खबर आई थी कि ग्लोबल मार्केट में कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने के बावजूद फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने पूरे देश में ईंधन की सुचारू आपूर्ति के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं।

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अचानक ईंधन इतना महंगा क्यों हो गया?

नेपाल अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय बाजार पर निर्भर है। ईरान-इजरायल तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं, जिसका सीधा असर नेपाल के घरेलू बाजार पर पड़ा है।

क्या भारत में भी पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने वाले हैं?

रकारी सूत्रों के अनुसार, फिलहाल भारत में कीमतें बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत कर रही है।

क्या अन्य देशों में भी ऐसी स्थिति है?

हाँ, पाकिस्तान और श्रीलंका जैसे देशों में भी ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। पाकिस्तान में तो ईंधन बचाने के लिए कर्मचारियों को 'वर्क फ्रॉम होम' तक दे दिया गया है।

नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन का इस वृद्धि पर क्या तर्क है?

निगम का कहना है कि तेल की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय भुगतान को बनाए रखने के लिए यह "कड़ा कदम" उठाना अनिवार्य था।