जयपुर, पांच जनवरी (भाषा) राजस्थान ‘डिजीफेस्ट टाई ग्लोबल समिट’ के दूसरे दिन सोमवार को नेतृत्व, कृत्रिम मेधा (एआई), डीप टेक्नोलॉजी, कौशल विकास और भारत की प्रगति के लिए दीर्घकालिक पूंजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
इस अवसर पर वरिष्ठ नीति-निर्माताओं और उद्योग जगत के दिग्गजों ने सहकारी संघवाद, नीतिगत स्थिरता और डिजिटल परिवर्तन पर अपने विचार साझा किए।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ आपसी सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया, वहीं राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने डिजिटल पहलों के माध्यम से राज्य में रोजगार सृजन की योजनाओं का खाका पेश किया।
मध्य प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे ने अपने राज्य की नीतिगत रूपरेखा और कारोबारी सुगमता की दिशा में उठाए गए कदमों की जानकारी दी।
नेतृत्व, जोखिम प्रबंधन और महिला उद्यमिता पर केंद्रित सत्र में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने वाली विभिन्न पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि उन्हें अपनी सीमाओं को चुनौती देनी चाहिए और सफलता के शिखर पर पहुंचकर भी नया जोखिम उठाने के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए।
क्रिकेट खिलाड़ी वीरेंद्र सहवाग ने खेल शिक्षा के क्षेत्र में अपने कार्यों और एक स्टार्टअप निवेशक के रूप में अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने युवा उद्यमियों को जोखिम उठाने और एक सहायक तंत्र विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
‘एआई एंड यूथ’ सत्र को संबोधित करते हुए राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि राज्य सरकार एआई को सावधानीपूर्वक बढ़ावा दे रही है, ताकि इस तकनीक का लाभ जमीनी स्तर और दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंच सके। भाषा बाकोलिया राजकुमार पाण्डेय
पाण्डेय