नयी दिल्ली, 24 मई (भाषा) रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर का एकीकृत शुद्ध लाभ बीते वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च की चौथी तिमाही में घटकर 918.07 करोड़ रुपये रहा है। कंपनी ने इसके पीछे बढ़ते खर्चों को प्रमुख कारण बताया है।
कंपनी ने शेयर बाजारों को यह जानकारी दी। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 4,387.08 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था।
मार्च तिमाही में कंपनी की कुल आय भी घटकर 4,154.34 करोड़ रुपये रह गई, जो एक साल पहले इसी अवधि में 4,268.05 करोड़ रुपये थी।
वहीं, कुल खर्च बढ़कर 5,419.87 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 4,827.97 करोड़ रुपये था।
इस दौरान बिजली खरीद लागत में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई। जनवरी-मार्च तिमाही में बिजली खरीद पर कंपनी का खर्च बढ़कर 3,285.68 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 2,739.62 करोड़ रुपये था।
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ घटकर 2,900.23 करोड़ रुपये रह गया, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह 4,937.52 करोड़ रुपये था।
पूरे वित्त वर्ष में कंपनी की आय भी घटकर 20,862.03 करोड़ रुपये रही, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 23,999.29 करोड़ रुपये थी।
इस बीच, कंपनी ने नेतृत्व स्तर पर बदलाव की घोषणा भी की है। कंपनी ने विजेश बाबू थोता को 23 मई से मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। इससे पहले वह कंपनी में मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) थे।
साथ ही, आशीष चतुर्वेदी को नया सीएफओ नियुक्त किया गया है।
भाषा अजय अजय
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