रिलायंस ने सैमसंग सी एंड टी के साथ किया तीन अरब डॉलर का हरित अमोनिया आपूर्ति समझौता

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रिलायंस ने सैमसंग सी एंड टी के साथ किया तीन अरब डॉलर का हरित अमोनिया आपूर्ति समझौता

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  • Publish Date - March 16, 2026 / 08:25 PM IST,
    Updated On - March 16, 2026 / 08:25 PM IST

नयी दिल्ली, 16 मार्च (भाषा) रिलायंस इंडस्ट्रीज लि. ने दक्षिण कोरिया की सैमसंग सी एंड टी के साथ तीन अरब डॉलर की हरित अमोनिया आपूर्ति को लेकर समझौता किया है। यह समझौता 15 वर्षों के लिए हरित अमोनिया की आपूर्ति के लिए है। कंपनी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

यह करार वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े दीर्घकालिक हरित अमोनिया समझौतों में से एक है। यह भारत को पूरी तरह से स्वदेशी मूल्य श्रृंखला के माध्यम से उत्पादित हरित ईंधन के उभरते निर्यातक के रूप में स्थापित करता है, जिसमें महत्वपूर्ण स्वच्छ ऊर्जा उपकरणों का घरेलू विनिर्माण भी शामिल है। आपूर्ति वित्त वर्ष 2028-29 की दूसरी छमाही में शुरू होगी।

रिलायंस ने बयान में कहा कि उसने दक्षिण कोरिया की औद्योगिक सामग्रियों के कारोबार और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विकास से जुड़ी सैमसंग सी एंड टी कॉरपोरेशन के साथ 15 साल की अवधि के लिए हरित अमोनिया की आपूर्ति को लेकर एक पक्का दीर्घकालिक आपूर्ति और खरीद समझौता (एसपीए) किया है। इसकी आपूर्ति वित्त वर्ष 2028-29 की दूसरी छमाही से शुरू होगी।

रिलायंस ने कहा, ‘‘तीन अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक मूल्य का यह आपूर्ति और खरीद समझौता वैश्विक स्तर पर हरित अमोनिया की आपूर्ति के लिए सबसे बड़े पक्के दीर्घकालिक समझौतों में से एक है।’’

ग्रीन अमोनिया का उत्पादन जीवाश्म ईंधन की जगह नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग करके किया जाता है। इससे यह कार्बन-मुक्त या कम कार्बन वाला विकल्प बन जाता है। प्राकृतिक गैस का उपयोग करके बनाए जाने वाले पारंपरिक अमोनिया के उलट, हरित अमोनिया का उत्पादन ग्रीन हाइड्रोजन (नवीकरणीय बिजली का उपयोग करके इलेक्ट्रोलाइसिस विधि से प्राप्त) से हाइड्रोजन को हवा से नाइट्रोजन के साथ मिलाकर किया जाता है।

इसका उपयोग उर्वरक, औद्योगिक रसायन, बिजली उत्पादन और परिवहन के लिए ईंधन के रूप में किया जा सकता है।

रिलायंस नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, हरित हाइड्रोजन समेत एक पूर्ण एकीकृत नया ऊर्जा मंच विकसित कर रही है। इसे सौर मॉड्यूल, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) और इलेक्ट्रोलाइजर प्रणालियों का कंपनी के भीतर विनिर्माण से समर्थन प्राप्त है। यह पहल भारत के राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों में आत्मनिर्भरता के लिए सरकार के प्रयासों के अनुरूप है।

सैमसंग सी एंड टी के साथ यह समझौता, रिलायंस के नये ऊर्जा मंच के विस्तार में सहयोग देने वाली दीर्घकालिक आपूर्ति साझेदारियों की श्रृंखला में पहला कदम है।

रिलायंस के कार्यकारी निदेशक अनंत अंबानी ने कहा कि सैमसंग सी एंड टी के साथ साझेदारी से लागत-प्रतिस्पर्धी और भरोसेमंद हरित अमोनिया उपलब्ध होगा। साथ ही कंपनी के हरित हाइड्रोजन परिवेश और गीगाफैक्ट्रीज (बड़े आकार के कारखाने) के विस्तार में भी मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा, “यह साझेदारी भारत की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम है। रिलायंस की न्यू एनर्जी पहल का उद्देश्य न केवल ऊर्जा बदलाव को आगे बढ़ाना है, बल्कि भारत के नवीकरणीय संसाधनों को देश के विनिर्माण नेतृत्व, विश्व स्तरीय प्रतिभा और नवोन्मेष के साथ एकीकृत करके मूल्यवर्धित हरित ईंधन और रसायनों का बड़े पैमाने पर उत्पादन करने के लिए एक मजबूत औद्योगिक मंच का निर्माण करना भी है।’’

अंबानी ने कहा, ‘‘इस दृष्टिकोण के मूल में ऊर्जा बदलाव की महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों… सौर ऊर्जा, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली और इलेक्ट्रोलाइजर… को एक मजबूत मेक-इन-इंडिया ढांचे के तहत स्वदेशी बनाने की हमारी प्रतिबद्धता है।”

उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह की साझेदारियां हमारे हरित हाइड्रोजन परिवेश और गीगाफैक्ट्री को विकसित करने में मदद करेंगी। साथ ही भारत की हरित हाइड्रोजन और इसके व्युत्पन्न उत्पादों के लिए वैश्विक केंद्र बनने की महत्वाकांक्षा में योगदान देंगी।’’

भाषा रमण अजय

अजय