मुंबई, 24 फरवरी (भाषा) डॉलर की तेजी और कच्चे तेल की मजबूत कीमतों के बीच अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया छह पैसे की गिरावट के साथ 90.95 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि घरेलू शेयर बाजार में तेज गिरावट और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर अनिश्चितताओं ने रुपये पर और दबाव डाला, जबकि विदेशी कोषों का निवेश बढ़ने से कुछ समर्थन मिला।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में, रुपया 90.91 पर खुला और भारतीय रिजर्व बैंक के संभावित दखल के कारण 90.91-90.97 के सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। यह सत्र के आखिर में 90.95 (अस्थायी) पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से छह पैसे की गिरावट है।
सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपया पांच पैसे बढ़कर 90.89 पर बंद हुआ था।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक, अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘कमज़ोर घरेलू बाज़ारों और कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी, और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उच्चतम न्यायालय के फैसले के बावजूद व्यापार समझौते का सम्मान न करने वाले देशों पर ज़्यादा शुल्क लगाने की धमकी के बाद शुल्क को लेकर अनिश्चितता से रुपये में गिरावट आई।’
हालांकि, उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ने रुपये को 91 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे गिरने से रोकने के लिए शायद डॉलर बेचे होंगे, और कहा कि बुधवार को रुपये की हाजिर कीमत 90.75 रुपये से 91.20 रुपये के बीच रहने की उम्मीद है।
इस बीच, दुनिया की छह प्रतिस्पर्धी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला, डॉलर इंडेक्स 0.16 प्रतिशत बढ़कर 97.86 पर कारोबार कर रहा था।
वैश्विक कच्चा तेल मानक ब्रेंट क्रूड, वायदा कारोबार में 0.27 प्रतिशत बढ़कर 71.68 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
घरेलू शेयर बाजार में, बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,068.74 अंक टूटकर 82,225.92 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 288.35 अंक के नुकसान के साथ 25,424.65 पर रहा।
एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक बाजार में शुद्ध लिवाल रहे। उन्होंने सोमवार को 3,483.70 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
भाषा राजेश राजेश अजय
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