नयी दिल्ली, 27 जुलाई (भाषा) टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा है कि टाटा समूह का वित्तीय प्रदर्शन बीते वित्त वर्ष 2025-26 में मजबूत रहा है। समूह का कुल राजस्व 7.8 प्रतिशत बढ़कर 16,24,030 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 51.9 प्रतिशत बढ़कर 1,70,525 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
चंद्रशेखरन ने कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 में शेयरधारकों को संबोधित करते कहा कि वर्ष 2025-26 वैश्विक संघर्षों और वैश्विक स्तर पर कृत्रिम मेधा (एआई) में अभूतपूर्व निवेश का साल रहा।
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद टाटा समूह ने वित्तीय मोर्चे पर मजबूत प्रदर्शन किया।
चंद्रशेखर ने बताया कि टाटा संस का राजस्व बीते वित्त वर्ष 9.1 प्रतिशत बढ़कर 42,367 करोड़ रुपये और कर पश्चात लाभ 21.8 प्रतिशत बढ़कर 31,961 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी के निदेशक मंडल ने 1,10,717 रुपये प्रति शेयर के अंतिम लाभांश की सिफारिश की है। यह शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर है।
उन्होंने कहा, ‘‘एकीकृत स्तर पर वित्त वर्ष 2025-26 में टाटा समूह का राजस्व 7.8 प्रतिशत बढ़कर 16,24,030 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि शुद्ध लाभ 51.9 प्रतिशत बढ़कर 1,70,525 करोड़ रुपये हो गया।’’
वित्त वर्ष 2025-26 में टाटा समूह का राजस्व वित्त वर्ष 2019-20 की तुलना में 2.1 गुना और लाभ 5.4 गुना हो गया है। यह समूह की विभिन्न कंपनियों में किए गए सुधारों का परिणाम है।
चंद्रशेखरन ने कहा कि समूह के सभी कारोबार क्षेत्रों ने राजस्व और मुनाफे दोनों के मामले में अच्छा प्रदर्शन किया।
हालांकि, समूह की ब्रिटिश लक्जरी कार विनिर्माता जगुआर लैंड रोवर को वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में साइबर हमले का सामना करना पड़ा, जिसके कारण करीब पांच सप्ताह तक उत्पादन प्रभावित रहा। हालांकि, चौथी तिमाही तक कंपनी का उत्पादन लगभग सामान्य स्तर पर लौट आया।
चंद्रशेखरन ने टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, टाटा डिजिटल, एयर इंडिया और एग्राटस जैसे नए कारोबार की प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि टाटा समूह दीर्घकालीन निवेश पर भरोसा करता है और आज जिन संस्थानों की नींव रखी जा रही है, वे भविष्य में देश के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे।
उन्होंने कहा कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स देश की पहली एकीकृत इलेक्ट्रॉनिक्स मूल्य श्रृंखला कंपनी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। केवल चार वर्षों में इसका राजस्व 1,31,082 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है और इसके 86,466 कर्मचारियों में लगभग दो-तिहाई महिलाएं हैं। कंपनी का परिचालन लाभ, खर्च के स्तर पर पहुंच चुका है। वर्ष 2025 में दुनिया की अग्रणी स्मार्टफोन कंपनी द्वारा विनिर्मित कुल मोबाइल फोन के लगभग 12 प्रतिशत का विनिर्माण टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने किया।
चंद्रशेखरन ने कहा कि सेमीकंडक्टर आज के दौर का नया इस्पात हैं। मोबाइल फोन, वाहन, विमान, अस्पताल, बिजली ग्रिड और एआई प्रणाली सभी चिप पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि भारत को प्रौद्योगिकी आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए घरेलू सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षमता विकसित करनी होगी।
टाटा डिजिटल के बारे में उन्होंने कहा कि कंपनी ने बदलते ई-कॉमर्स बाजार के अनुरूप खुद को ढालना शुरू कर दिया है। फटाफट सामान पहुंचाने वाली इकाइयों की बढ़ती मांग के अनुसार बिगबास्केट अपने कारोबार में बदलाव कर रही है।
वित्त वर्ष 2025-26 में टाटा डिजिटल को 4,974 करोड़ रुपये का घाटा हुआ, लेकिन चार वर्षों में कंपनी का सकल वस्तु मूल्य (जीएमवी) बढ़कर 46,515 करोड़ रुपये हो गया है।
एयर इंडिया के बारे में चंद्रशेखरन ने कहा, ‘‘एयरलाइन का पुनर्निर्माण लंबी अवधि की प्रक्रिया है। इसमें बेड़े का आधुनिकीकरण, कर्मचारियों का प्रशिक्षण, सेवाओं में सुधार और नेटवर्क का विस्तार शामिल है। इतिहास की हर बड़ी एयरलाइन को खड़ा होने में दशकों का समय लगा है….। एयर इंडिया के परिवर्तन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।’’
उन्होंने बताया कि समूह की बैटरी विनिर्माण इकाई एग्राटस इलेक्ट्रिक वाहन और ऊर्जा भंडारण के लिए उच्च गुणवत्ता वाली बैटरियों के विकास और विनिर्माण पर काम कर रही है, जो समूह की ऊर्जा परिवर्तन रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कृत्रिम मेधा पर चंद्रशेखरन ने कहा कि एआई भारतीय आईटी उद्योग के लिए सबसे बड़ा अवसर है। केवल एआई प्रौद्योगिकी उपलब्ध करा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कंपनियों को अपने ‘डेटा’ और दशकों से विकसित आईटी प्रणाली के साथ उसका प्रभावी एकीकरण भी करना होगा।
भाषा रमण अजय
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