नयी दिल्ली, 27 जुलाई (भाषा) निजी क्षेत्र की प्रमुख एकीकृत बिजली कंपनी टाटा पावर का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही में 11 प्रतिशत बढ़कर 1,401 करोड़ रुपये रहा। मुख्य रूप से विभिन्न खंडों में राजस्व बढ़ने से कंपनी का लाभ बढ़ा है।
टाटा पावर के सोमवार को जारी बयान के अनुसार कंपनी का राजस्व जून तिमाही में आठ प्रतिशत बढ़कर 18,898 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल 2025-26 की समान तिमाही में यह 17,464 करोड़ रुपये था।
कंपनी का जून तिमाही में शुद्ध लाभ 11 प्रतिशत बढ़कर 1,401 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही में 1,262 करोड़ रुपये था।
टाटा पावर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक प्रवीर सिन्हा ने कहा कि भारत का ऊर्जा क्षेत्र बदलाव के अगले चरण में प्रवेश कर रहा है, जहां भरोसेमंद और चौबीस घंटे स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने पर जोर है।
उन्होंने कहा, ‘‘टाटा पावर में हमने सौर, पवन, बैटरी भंडार और पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं के माध्यम से चौबीसों घंटे उपलब्ध नवीकरणीय ऊर्जा की एकीकृत और संयोजित आपूर्ति व्यवस्था तैयार करके खुद को इस बदलाव के लिए तैयार किया है।’’
सिन्हा ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी ने कई रणनीतिक उपलब्धियां हासिल की हैं, जो भविष्य की वृद्धि को दिशा देंगी।
पहली तिमाही में 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का पूंजीगत व्यय किया गया है और कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत मजबूत परियोजना क्रियान्वयन रूपरेखा के साथ की है।
उन्होंने कहा कि मुंद्रा परियोजना का पूर्ण संचालन में लौटना, सौर ‘रूफटॉप’ कारोबार में तेज वृद्धि और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा साझेदारियों का विस्तार टाटा पावर की स्थिति को मजबूत कर रहे हैं।
कंपनी के अनुसार, पारंपरिक बिजली उत्पादन कारोबार ने तिमाही में मजबूत परिचालन प्रदर्शन किया। इस दौरान औसत उपलब्धता 96.2 प्रतिशत रही।
नवीकरणीय ऊर्जा कारोबार में भी मजबूत वृद्धि हुई। नवीकरणीय ऊर्जा कारोबार का शुद्ध लाभ जून तिमाही में 15 प्रतिशत बढ़कर 612 करोड़ रुपये हो गया।
सौर सेल और मॉड्यूल विनिर्माण कारोबार का शुद्ध लाभ बढ़कर 371 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की तुलना में करीब चार गुना वृद्धि है।
पारेषण और वितरण कारोबार का शुद्ध लाभ आलोच्य तिमाही में 11 प्रतिशत बढ़कर 492 करोड़ रुपये रहा।
बयान के अनुसार, कंपनी की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 12 गीगावाट तक पहुंच गयी है। इसमें 6.7 गीगावाट क्षमता परिचालन में है, जिसमें 5.4 गीगावाट सौर और 1.3 गीगावाट पवन ऊर्जा शामिल है। वहीं, 5.3 गीगावाट क्षमता निर्माण के विभिन्न चरणों में है।
भाषा रमण अजय
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