ऊंटनी के दूध का प्रसंस्करण करने वाले पहले संयंत्र ने हर दिन 4,754 लीटर दूध खरीदा

ऊंटनी के दूध का प्रसंस्करण करने वाले पहले संयंत्र ने हर दिन 4,754 लीटर दूध खरीदा

  •  
  • Publish Date - January 20, 2026 / 07:35 PM IST,
    Updated On - January 20, 2026 / 07:35 PM IST

अहमदाबाद, 20 जनवरी (भाषा) ऊंटनी के दूध का प्रसंस्करण करने वाले पहले भारतीय संयंत्र ने पिछले वित्त वर्ष में रोजाना 4,754 लीटर दूध खरीदा। इस संयंत्र को कच्छ जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ ने स्थापित किया है जिसे ‘सरहद डेयरी’ के नाम से जाना जाता है।

ऊंटनी के दूध में जरूरी खनिज भरपूर मात्रा में होते हैं, यह पूरे स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है और प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करता है।

गुजरात सरकार के अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि भुज की इस डेयरी ने वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान 350 से ज्यादा ऊंट पालक परिवारों को कुल 8.72 करोड़ रुपये का भुगतान किया।

एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘वित्त वर्ष 2024-25 में ऊंटनी के दूध की दैनिक खरीद 4,754 लीटर तक पहुंच गई और 350 से ज्यादा परिवारों को कुल 8,72,83,440 रुपये का भुगतान किया गया।’’

सरहद डेयरी 900 से ज्यादा सहकारी समितियों के साथ मिलकर काम करती है और हर दिन लगभग 80,000 उत्पादकों से लगभग 5.5 लाख लीटर दूध (गाय और ऊंटनी का दूध शामिल) खरीदती है। यह हर दिन चार लाख लीटर तक दूध का प्रसंस्करण करती है, 300 टन का पशुचारा संयंत्र चलाती है और रोज 50,000 लीटर आइसक्रीम बनाती है।

विज्ञप्ति के मुताबिक, यह डेयरी हर दिन लगभग तीन करोड़ रुपये देकर पशुपालन करने वाले किसानों की मदद करती है। पिछले वित्त वर्ष में डेयरी ने 1,200 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार किया, जो एक साल पहले की तुलना में 9.09 प्रतिशत अधिक है।

सरहद डेयरी के पास ऊंटनी के दूध में मौजूद गंध को दूर करने वाला देश का पहला प्रसंस्करण संयंत्र है, जो जनवरी 2019 से ही काम कर रहा है। इस डेयरी की स्थापना वर्ष 2009 में हुई थी जब नरेन्द्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि डेयरी को ऊंटनी के दूध के लिए प्राइमरी जैविक प्रमाणीकरण भी मिल चुका है। अमूल मॉडल का अनुकरण करते हुए ऊंटनी का दूध कच्छ जिले के चार केंद्रों के जरिये इकट्ठा किया जाता है।

भाषा राजेश राजेश रमण प्रेम

प्रेम