नयी दिल्ली, 16 मई (भाषा) संकट से जूझ रही दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया का वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 51,970 करोड़ रुपये रहा। यह लगभग छह वर्षों में कंपनी का पहला शुद्ध लाभ है।
कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि यह लाभ मुख्य रूप से वैधानिक देनदारियों में राहत के कारण हुआ है।
वोडाफोन आइडिया को वित्त वर्ष 2024-25 की समान तिमाही में 7,167 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने 27 जनवरी को पुष्टि की थी कि 31 दिसंबर, 2025 तक वोडाफोन आइडिया पर समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) से जुड़ा बकाया 87,695 करोड़ रुपये है।
इसके बाद डीओटी ने 30 अप्रैल को कंपनी को बताया कि पुनर्मूल्यांकन के लिए गठित समिति ने 2006-07 से 2018-19 की अवधि के लिए 31 दिसंबर, 2025 तक एजीआर बकाया 64,046 करोड़ रुपये तय किया है।
कंपनी ने कहा कि इसके बाद भारतीय लेखा मानकों के अनुसार 80,502 करोड़ रुपये की वित्तीय देनदारी को हटाकर 24,880 करोड़ रुपये की संशोधित देनदारी दर्ज की गई। यह राशि भविष्य के भुगतानों का वर्तमान मूल्य है। इससे 55,622 करोड़ रुपये (पुनर्मूल्यांकित राशि के प्रभाव सहित) अन्य संबंधित प्रावधानों के शुद्ध प्रभाव के साथ अंतर लाभ-हानि खाते में जोड़ा गया।
समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी की परिचालन आय करीब तीन प्रतिशत बढ़कर 11,332 करोड़ रुपये हो गई, जो 2024-25 की समान तिमाही में 11,229 करोड़ रुपये थी।
एजीआर देनदारी में कमी के कारण कंपनी पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में भी लाभ में रही। कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष में 34,552 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में उसे 27,384 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की वार्षिक एकीकृत परिचालन आय तीन प्रतिशत बढ़कर 44,782 करोड़ रुपये हो गई, जो 2024-25 की समान तिमाही में 43,454 करोड़ रुपये थी।
भाषा योगेश रमण
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