छत्तीसगढ़: इस IAS अधिकारी के खिलाफ हाईकोर्ट ने जारी किया वारंट, न्यायालय में हाजिर होने का आदेश, जानें मामला

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छत्तीसगढ़ की बिलासपुर हाईकोर्ट ने IAS अधिकारी एस. प्रकाश के खिलाफ 5 हजार का जमानती वारंट जारी किया है। न्यायालय ने एस. प्रकाश को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है।

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  • Publish Date - February 18, 2023 / 02:28 PM IST,
    Updated On - February 18, 2023 / 03:26 PM IST

Bilaspur High Court issued warrant against IAS officer S.Prakash

Bilaspur High Court issued warrant against IAS officer S.Prakash

बिलासपुर। न्यायालय की अवमानना के एक मामले में छत्तीसगढ़ की बिलासपुर हाईकोर्ट ने IAS अधिकारी एस. प्रकाश के खिलाफ 5 हजार का जमानती वारंट जारी किया है। न्यायालय ने एस. प्रकाश को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है।

दरअसल, लेक्चरर जिला पंचायत के पद पर मंजुला कश्यप महासमुंद में साल 2017 से पदस्थ हैं। उनके पति बिलासपुर एसपी ऑफिस में कॉन्सटेबल हैं। मंजुला कश्यप ने संचालक पंचायत विभाग से पति-पत्नी नियम के आधार पर अपना ट्रांसफर बिलासपुर किए जाने की मांग की थी। स्थानांतरण आवेदन पर किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से उन्होंने बिलासपुर उच्च न्यायालय में रिट याचिका दाखिल की थी।

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मामले की सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने जून 2020 में संचालक पंचायत विभाग को निर्देश दिया था कि वे 90 दिन के भीतर मंजुला कश्यप के बिलासपुर ट्रांसफर के लिए प्रस्तुत अभ्यावेदन का निराकरण करें। लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी पंचायत विभाग ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। जिसके बाद उन्होंने अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय और घनश्याम शर्मा के माध्यम से हाईकोर्ट में अवमानना की याचिका दाखिल की।

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मामले में हाईकोर्ट ने 13 अक्टूबर 2020 को आईएएस एस प्रकाश को नोटिस जारी किया। नोटिस जारी होने के 2 साल बाद भी आईएएस एस प्रकाश द्वारा अवमानना के मामले में कोई जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ में आईएएस अधिकारियों द्वारा लगातार आदेशों की नाफरमानी करने एवं अवमानना के लगातार मामले बढ़ने पर गंभीर नाराजगी एवं चिंता व्यक्त की है। मामले में हाईकोर्ट ने तत्कालीन संचालक पंचायत विभाग एस प्रकाश के विरुद्ध 5000 रुपये का जमानती वारंट जारी किया है। इसके साथ ही न्यायालय ने एस प्रकाश को हाईकोर्ट के समक्ष पेश होने का कठोर निर्देश दिया है।

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