रायपुर, 19 अप्रैल (भाषा) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस ने महिला आरक्षण संबंधी संवैधानिक संशोधन विधेयक को पारित होने से रोकने के लिए ‘‘बांटो और राज करो’’ की नीति अपनाई है।
उन्होंने मुख्य विपक्षी दल के इस कदम को देश की 70 करोड़ महिलाओं के साथ ‘विश्वासघात’ और ‘घोर पाप’ करार दिया।
साय ने यहां स्थित भाजपा के प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि जब भी अवसर आया है, कांग्रेस महिला आरक्षण को कानूनी जामा पहनाने की कोशिशों को समर्थन देने में विफल रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अंग्रेजों की ‘बांटो और राज करो’ की नीति का अनुसरण कर रही है और गत तीन दशक से केवल महिला आरक्षण के बारे में बात कर रही है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, ‘‘लेकिन, जब भी सार्थक कार्रवाई करने और कानून बनाने का समय आता है, कांग्रेस के सदस्य मुंह मोड़ लेते हैं। कांग्रेस ने एक बार फिर वही रवैया अपनाया है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने ‘‘वंशवादी और वोट बैंक की राजनीति’’ से प्रेरित होकर विधेयक का विरोध करके देश की 70 करोड़ महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है।
साय ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने महिलाओं के राजनीतिक सशक्तीकरण के मार्ग में बाधा डाली है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘कांग्रेस और ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) को आबादी के आधे हिस्से को उनके उचित नेतृत्व के अवसरों से वंचित करने के इस गंभीर पाप के परिणाम भुगतने होंगे। छत्तीसगढ़ और पूरे देश की महिलाएं इसका कड़ा विरोध करेंगी।”
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने भी कांग्रेस के ‘नकारात्मक’ और ‘महिला-विरोधी’ रुख की आलोचना करते हुए कहा कि संविधान संशोधन विधेयक को रोकने में विपक्ष की भूमिका के कारण 17 अप्रैल को ‘काला अध्याय’ के रूप में याद किया जाएगा।
भाषा धीरज प्रशांत
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