CG Public Holiday: आज बंद रहेंगे सभी सरकारी दफ्तर, नहीं होगा कोई काम, छत्तीसगढ़ सरकार ने जारी किया आदेश

CG Public Holiday: आज बंद रहेंगे सभी सरकारी दफ्तर, नहीं होगा कोई काम, छत्तीसगढ़ सरकार ने जारी किया आदेश

CG Public Holiday: आज बंद रहेंगे सभी सरकारी दफ्तर, नहीं होगा कोई काम, छत्तीसगढ़ सरकार ने जारी किया आदेश

CG Public Holiday | Photo Credit: AI

Modified Date: August 12, 2026 / 06:59 am IST
Published Date: August 12, 2026 6:58 am IST
HIGHLIGHTS
  • 12 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश
  • स्कूल-कॉलेज और सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे
  • हरेली छत्तीसगढ़ का प्रमुख कृषि एवं लोकपर्व है

रायपुर: CG Public Holiday अगस्त का लगभग आधा महीना निकल चुका है। वहीं इस महीने में स्कूली बच्चों के लिए खुशखरी है। इस महीने हर सप्ताह बच्चों एक सार्वजनिक अवकाश (CG Public Holiday) की सौगात ​मिलने वाली है। इसकी शुरुआत आज 12 अगस्त से हो रही है। इसी सप्ताह स्वतंत्रता दिवस भी मनाएं जाएंगे। इसके अलावा इसी महीने में रक्षा बंधन पर्व भी मनाएं जाएंगे। इसी बीच छत्तीसगढ़ में भाजपा की साय सरकार ने आज 12 अगस्त को पूरे प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश (Chhattisgarh Holiday List 2026) का ऐलान किया है।

Holiday on 12 August हरेली पर्व के चलते इस दिन प्रदेशभर के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल समेत सभी कॉलेज, सरकारी दफ्तर व बैंक भी बंद रहेंगे। बताया जा रहा है कि बुधवार को प्रदेशभर में धूमधाम से हरेली पर्व मनाया जाएगा। वहीं मुख्यमंत्री निवास में भी हरेली पर्व को लेकर खास आयोजन किया जाएगा।

क्यों खास है हरेली त्योहार (Hareli Festival 2026)

CG Public Holiday in Today सावन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को हरेली पर्व मनाया जाता है। हरेली पर्व (Hareli Festival 2026) के दिन पशुधन के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए औषधि युक्त आटे की लोंदी खिलाई जाती है। गांव में यादव समाज के लोग वनांचल जाकर कंदमूल लाकर हरेली के दिन किसानों को पशुओं के लिए वनौषधि उपलब्ध कराते हैं। गांव के सहाड़ादेव अथवा ठाकुरदेव के पास यादव समाज के लोग जंगल से लाई गई जड़ी-बूटी उबाल कर किसानों को देते हैं। इसके बदले किसानों द्वारा चावल, दाल आदि उपहार में यादवों को भेंट करने की परंपरा रही हैं।

सावन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को हरेली पर्व मनाया जाता है। हरेली का आशय हरियाली ही है। वर्षा ऋतु में धरती हरा चादर ओड़ लेती है। वातावरण चारों ओर हरा-भरा नजर आने लगता है। हरेली पर्व आते तक खरीफ फसल आदि की खेती-किसानी का कार्य लगभग हो जाता है। माताएं गुड़ का चीला बनाती हैं। कृषि औजारों खेती-किसानी, औजार, हल (नांगर), कुदाली, फावड़ा, गैंती को धोकर, धूप-दीप से पूजा के बाद नारियल, गुड़ का चीला भोग लगाया जाता है। गांव के ठाकुर देव की पूजा की जाती है और उनको नारियल अर्पण किया जाता है। हरेली तिहार के साथ गेड़ी चढ़ने की परंपरा अभिन्न रूप से जुड़ी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग सभी परिवारों द्वारा गेड़ी का निर्माण किया जाता है। (CG Public Holiday in Today)

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