CG VidhanSabha Chunav Bilapur Sambhag Data
बिलासपुर: संभाग में 8 जिले हैं। पिछले चुनाव में कांग्रेस को 13 सीटों पर जीत मिली थी। बीजेपी को 7 सीटों से संतोष करना पड़ा था, जबकि बीएसपी और जोगी के खाते में 4 सीटें गई थी। संभाग में सबसे ज्यादा SC वोटरों का दबदबा माना जाता है। जांजगीर चांपा, सारंगढ़, रायगढ़, सक्ती मुंगेली जिलों में SC वोटरों की संख्या सबसे ज्यादा है।
छत्तीसगढ़ में 10 SC कोटे की सीट है, इसमें से 4 सीटें बिलासपुर संभाग में हैं। जाहिर है इस वजह से पार्टिया दलित वोटरों को साधने में जुटी हुई है। बिलासपुर ज़िले में 2018 के पहले बीजेपी का लंबे समय से गढ़ रहा है। बिलासपुर जिले में कैबिनेट मंत्री अमर अग्रवाल चार बार से विधानसभा चुनाव जीत चुके है लेकिन 2018 में कांग्रेस से हार का सामना करना पड़ा था। इस बार विधानसभा चुनाव में बीजेपी, कांग्रेस, जोगी कांग्रेस के साथ आम आदमी पार्टी चुनाव में सक्रिय है।
जातिगत समीकरण की बात करें तो बिलासपुर जिले में सबसे बड़ा वोट बैंक ओबीसी का है। इसके बाद SC वोट बैंक निर्णायक भूमिका में रहता है। 6 में से एक मस्तूरी सीट SC वर्ग के लिए आरक्षित है। बिलासपुर जिले में 6 विधानसभा सीट है। जिसमे 3 सीट बीजेपी, 2 कांग्रेस, 1 जोगी कांग्रेस (JCCJ) के पास है। इसी तरह 05 एसटी सीटें है जिसमे लैलूंगा, धर्मजयगढ़, रामपुर, पाली- तानाखार, मरवाही सात सीटें है। अभी 4 कांग्रेस और 3 भाजपा के पास है।
तखतपुर-कांग्रेस,बिल्हा,मस्तूरी और बेलतरा विधानसभा में बीजेपी की जीत हुई। इसके अलावा कोटा विधानसभा पूर्व सीएम अजीत जोगी की पत्नी रेणु जोगी का पारंपरिक सीट है। जहां रेणु जोगी की जीत हुई। बिलासपुर जिले में एक माह में जिले के मतदाताओं की संख्या में 50 हजार 311 की बढ़ोतरी हुई है। वहीं इस चुनाव में 33 हजार 937 वोटर्स पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। जिले में अब मतदाताओं की संख्या 14 लाख 13 हजार 823 पहुंच गई है, जो 6 विधानसभा क्षेत्रों में अपने विधायक चुनेंगे। इनमें से 7 लाख 10 हजार 777 पुरुष, 7 लाख 2 हजार 961 महिलाएं शामिल है।
बात अगर बिलासपुर संभाग की करें तो संभाग में कुल 24 विधानसभा सीट है। कांग्रेस ने संभाग के सभी 24 सीटों पर प्रत्याशी घोषित किया है जबकि भाजपा ने 23 सीटों पर प्रत्याशी घोषित किया। बेलतरा विधानसभा से भाजपा के एक प्रत्याशी होल्ड पर हैं। कांग्रेस ने संभाग से दो विधायकों का टिकट काटा है। पाली तानाखार से मोहित केरकेट्टा और लैलूंगा सीट से चक्रधर सिदार का टिकट कट गया है। इसी तरह कांग्रेस ने संभाग की 24 सीटों में 10 नए चेहरों को उतारा है बिलासपुर जिले के 6 विधानसभा सीटों में बेलतरा और कोटा में कांग्रेस ने दो नए प्रत्याशियों पर दांव लगाया है। दो सीटों पर कांग्रेस के सिटिंग एमएलए को फिर से मौका दिया गया है। दो सीटों पर पूर्व विधायक कांग्रेस से चुनावी मैदान में हैं। भाजपा ने जिले की 6 में से 5 सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए हैं। बेलतरा सीट भाजपा की होल्ड है। कोटा और तखतपुर में भाजपा ने दो नए प्रत्याशियों पर दांव लगाया है। बिल्हा और मस्तूरी से सिटिंग एमएलए पर भाजपा ने फिर से दांव लगाया है। बिलासपुर में पूर्व विधायक व 2018 का चुनाव हारे हुए अमर अग्रवाल को भाजपा ने चुनाव में उतारा है। 2018 के चुनाव में जिले के 6 सीटों में 3 बीजेपी, दो कांग्रेस और एक सीट जोगी कांग्रेस के खाते में गई थी।
बात अगर कोरबा की करें तो कांग्रेस की दूसरी सूची में कोरबा से 3 प्रत्याशी शामिल है। एक सिटिंग विधायक का टिकट कटा है। कांग्रेस से पाली तानाखार विधायक मोहित केरकेट्टा का टिकट कटा है। इसी तरह पूर्व डिप्टी CM प्यारे लाल कंवर के भाई को भी टिकट नहीं मिली है जबकि पाली तानाखार से महिला जनपद अध्यक्ष को मौक़ा मिला है।
रायगढ़ में कुल चार विधानसभा सीट रायगढ़, लैलूंगा, खरसिया और धर्मजयगढ़ विधानसभा सीट है। रायगढ़ में बीजेपी ओपी चौधरी वर्सेस कांग्रेस प्रकाश नायक। धर्मजयगढ़ विधानसभा में, कांग्रेस से लालजीत सिंह राठिया तीसरी बार प्रत्याशी बनाए गए। भाजपा से हरिश्चंद्र राठिया के साथ मुकाबला होगा। खरसिया विधानसभा सीट कैबिनेट मंत्री उमेश पटेल तीसरी पारी के लिए चुनावी मैदान में उतरे। भाजपा से महेश साहू है मैदान में
लैलूंगा विधानसभा सीट
कांग्रेस से विद्यावती कुंज बिहारी सिदार बनी प्रत्याशी। नए चेहरे को चुनावी मैदान में उतारा। भाजपा की सुनीति सत्यानंद राठिया के साथ है मुकाबला। पूर्व में संसदीय सचिव रह चुकी हैं सुनीति राठिया। नवगठित सारंगढ़ जिले में दो सीट
सारंगढ़ विधानसभा सीट
उत्तरी गणपत जांगड़े को फिर से मिली है टिकट।
भाजपा की शिवकुमारी चौहान से है मुकाबला। पूर्व जिला पंचायत सदस्य।
बिलाईगढ़
कांग्रेस कविता प्राण लहरे, जिला पंचायत सभापति।
दिनेश लाल जांगड़े बीजेपी, एमडी डॉक्टर