शहमात The Big Debate: यहां उपेक्षा. वहां विकास, पक्ष-विपक्ष में खिंची तलवार! कांग्रेसी विधायकों का अनदेखी का आरोप, क्या इसकी जांच कराएगी सरकार?

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यहां उपेक्षा. वहां विकास, पक्ष-विपक्ष में खिंची तलवार! कांग्रेसी विधायकों का अनदेखी का आरोप, Chhattisgarh government accused of bias

CG govt accused of bias

रायपुरः CG govt accused of bias छत्तीसगढ़ में एक बार फिर ‘विकास कार्यों पर पक्षपात हावी होने की बात की जा रही है। आरोप ये है कि सरकार चुन-चुन कर उन क्षेत्रों में प्रोजेक्ट के लिए पैसा ही नहीं दे रही जो कांग्रेसी विधायकों के क्षेत्र में हैं और सरकार एक-एक कर गिना रही है कि उनकी सरकार ने कांग्रेसियों के क्षेत्र में कितने काम करा दिए।

CG govt accused of bias छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत का सरकार पर आरोप है कि सरकार जानबूझकर कांग्रेसी विधायकों के विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए पर्याप्त राशि नहीं दे रही है। बीजेपी सरकार सियासी भेदभाव कर रही है। जवाब में सरकार ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आंकड़ों सामने रखते हुए, इसे विपक्ष का सरासर झूठ बताया। प्रदेश के डिप्टी CM विजय शर्मा ने सदन में आधा दर्जन से ज्यादा कांग्रेसी विधायकों के क्षेत्रों में उनके विभाग से स्वीकृत विकास कार्यों और खर्च का ब्यौरा साझा किया।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तहत स्वीकृत कार्य (CG govt accused of bias)

विधानसभा क्षेत्र विधायक स्वीकृत राशि
सक्ती डॉ. चरणदास महंत ₹14 करोड़
बस्तर लखेश्वर बघेल ₹54 करोड़
मस्तूरी दिलीप लहरिया ₹26 करोड़
धरमजयगढ़ लालजीत राठिया ₹37 करोड़
रामपुर फूल सिंह राठिया ₹28 करोड़
धमतरी ओंकार साहू ₹11 करोड़
सिहावा अंबिका मरकाम ₹6 करोड़
बिलाईगढ़ कविता प्राण लहरे ₹7 करोड़

सरकार ने किया ये बड़ा दावा

सत्तापक्ष का दावा है कि ये तो सिर्फ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के हुए कार्यों का ब्यौरा है। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन, नगरीय प्रशासन और दूसरे विभागों ने भी विभिन्न प्रोजेक्ट्स में विपक्षी विधायकों के क्षेत्रों में भरपूर विकास कार्यों को पास किया है। अधिकांश का काम जारी है। डिप्टी सीएम अरुण साव का आरोप है कि सरकार समग्र विकास के लिए काम कर रही है तो कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने तंज कसा की कांग्रेस अपनी सरकार के वक्त के व्यवहार को याद कर ये झूठा आरोप लगा रही है। इधर, कांग्रेस पार्टी सरकार के दावों पर पूर्व मंत्री उमेश पटेल ने पलटवार कर कहा कि जिन कामों को सरकार गिना रही है वो कांग्रेस सरकार के वक्त स्वीकृत परियोजनाएं हैं। कुल मिलाकर पक्ष-विपक्ष में विकास के मुद्दे पर बहस का सार ये कि विपक्ष अपने विधानसभा क्षेत्रों में अधूरे प्रोजेक्ट के लिए सरकार पर जानबूझकर पक्षपात के आरोपों लगा रही है तो सत्तापक्ष इसे कांग्रेस विधायकों का झूठ और कोरी पॉलिटिक्स बताकर काम गिना रही है। सवाल ये है कि जानता तो सच जानती है, उसे तो पता है कि असल में उनके क्षेत्र में कितने कार्य हुए हैं और कितने अब भी स्वीकृति और बजट की बाट जोह रहे हैं?

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