छत्तीसगढ़ : पुलिस हिरासत में एक व्यक्ति ने की खुदकुशी, दो पुलिसकर्मी निलंबित

छत्तीसगढ़ : पुलिस हिरासत में एक व्यक्ति ने की खुदकुशी, दो पुलिसकर्मी निलंबित

छत्तीसगढ़ : पुलिस हिरासत में एक व्यक्ति ने की खुदकुशी, दो पुलिसकर्मी निलंबित
Modified Date: October 25, 2024 / 12:06 pm IST
Published Date: October 25, 2024 12:06 pm IST

बलरामपुर, 25 अक्टूबर (भाषा) छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक महिला के लापता होने के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाए गए उसके पति द्वारा हिरासत में कथित तौर पर खुदकुशी किए जाने के मामले में थाना प्रभारी सहित दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि गुरुचंद मंडल ने बृहस्पतिवार को बलरामपुर थाने के शौचालय के भीतर अपने गमछे से कथित तौर पर फंदा लगा लिया था।

निलंबन आदेश में कहा गया, ‘‘मंडल को संदेह और सबूतों के आधार पर थाने बुलाया गया था और लापता होने के मामले में पुलिस हिरासत में उससे पूछताछ की जा रही थी, तभी उसने आत्महत्या कर ली। प्रथम दृष्टया निरीक्षक एवं बलरामपुर थाना प्रभारी प्रमोद रूसिया और आरक्षक अजय यादव की ओर से लापरवाही पाई गई, ऐसे में दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।’’

निलंबन आदेश बृहस्पतिवार देर रात जारी किया गया।

अधिकारी ने बताया कि मंडल की पत्नी पिछले माह लापता हो गई थी, जिसके बाद उसने 29 सितंबर को बलरामपुर थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार साहू ने घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं।

घटना की जानकारी मिलने के बाद बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में लोग थाने पहुंचे और वहां खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ की।

अधिकारियों ने बताया कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।

राज्य के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आलोचना की तथा घटना की जांच के लिए एक तथ्यान्वेषी दल गठित किया है जिसमें आठ सदस्य हैं।

यह दल घटना स्थल का दौरा करेगा और रिपोर्ट पार्टी को सौंपेगा।

कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा, ‘‘भाजपा सरकार में राज्य में कानून नहीं बल्कि जंगल राज कायम हो गया है।’’

बैज ने कहा है, ‘‘बलरामपुर में स्थिति तनावपूर्ण है, स्थानीय लोगों ने थाने पर पथराव किया, जिसके लिए राज्य सरकार और प्रशासन जिम्मेदार है। हम घटना की निंदा करते हैं और इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हैं।’’

भाषा सं संजीव

मनीषा खारी

खारी


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