CG Sharab Dukan Band: दूर हुआ मदिरा प्रेमियों का कन्फ्यूजन! होली पर शराब दुकानों को लेकर सरकार का नया निर्देश, जानिए खुली रहेगी या बंद?

दूर हुआ मदिरा प्रेमियों का कन्फ्यूजन! होली पर शराब दुकानों को लेकर सरकार का नया निर्देश, Chhattisgarh Sharab Dukan Band on Holi

CG Sharab Dukan Band: दूर हुआ मदिरा प्रेमियों का कन्फ्यूजन! होली पर शराब दुकानों को लेकर सरकार का नया निर्देश, जानिए खुली रहेगी या बंद?

CG Sharab Dukan Band. Image Source- IBC24

Modified Date: February 24, 2026 / 05:53 pm IST
Published Date: February 24, 2026 5:52 pm IST

रायपुर। CG Sharab Dukan Band:  छत्तीसगढ़ सरकार ने होली पर्व को लेकर बड़ा फैसला लिया है। राज्य में होली के दिन सभी देशी-विदेशी शराब दुकानें बंद रहेंगी। आबकारी विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर होली को ‘ड्राई डे’ घोषित कर दिया है। जारी आदेश के मुताबिक, होली के दिन प्रदेशभर में संचालित सभी मदिरा दुकानें, बार और संबंधित बिक्री केंद्र पूर्णतः बंद रहेंगे। इस अवधि में शराब की बिक्री, परिवहन और वितरण पर भी प्रतिबंध रहेगा। सरकार का कहना है कि त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और शांति पूर्ण माहौल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। आबकारी विभाग ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को आदेश के सख्ती से पालन के निर्देश दिए हैं।

खत्म किया गया था ड्राई डे

CG Sharab Dukan Band:  दरअसल, छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी नई आबकारी नीति में होली समेत तीन ड्राई डे को खत्म कर दिया था। नई नीति के अनुसार साल 2026-27 में सिर्फ 4 दिन ड्राई डे घोषित किए गए है, इनमें 26 जनवरी गणतंत्र दिवस, 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस, 2 अक्टूबर गांधी जयंती और 18 दिसंबर गुरु घासी दास जयंती शामिल हैं। होली पर ड्राई डे नहीं था। इसे लेकर कई जगहों पर विरोध की खबरें आई थी।

30 जनवरी को खुली थी शराब की दुकानें (CG Sharab Dukan Band)

Sharab Dukan Band on Holi छत्तीसगढ़ में 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर शराब दुकानें खुली रहने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था। कांग्रेसियों ने प्रदेश के अलग-अलग शहर की शराब दुकान के सामने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और नियमों में तत्काल बदलाव की मांग की थी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बापू के सिद्धांतों और आदर्शों के विपरीत ऐसे पावन दिन पर शराब दुकान का खुला रहना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इसे महात्मा गांधी के विचारों और जनभावनाओं का अपमान बताया था।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।