रायपुरः Deepak Baij’s Statement क्या छत्तीसगढ़ कांग्रेस की कमान किसी और को सौंपने की तैयारी है? क्या आलाकमान कोई फैसला लेने वाले हैं? क्या प्रभारी के दौरे इसी हलचल का हिस्सा हैं? ये सारे सवाल तब और तेजी से उठे जब प्रदेश कांग्रेस के 2 सबसे अहम फेस एक-दूसरे को नसीहतों के नश्तर चुभोते नजर आए। बीजेपी पूछ रही है कि क्या तारीफों की आड़ में नेता खुद को प्रोजेक्ट कर रहे हैं।जाहिर है कांग्रेस इसे पार्टी का अंदरूनी मासला बता रही है लेकिन सवाल तो यही है के ये अंदर की बातें,रह-रह कर बाहर क्यों आ रही हैं।
Deepak Baij’s Statement छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बदलने की अटकलों के बीच PCC चीफ दीपक बैज ने पूर्व डिप्टी CM टीएस सिंहदेव को लेकर कहा कि वे पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं, AICC के सदस्य भी रह चुके हैं। तमिलनाडु-पुडूचेरी का ऑब्जर्वर बनाये गए थे। ऐसे अनुभवी नेता को तो केंद्र सियासत यानि दिल्ली में काम करना चाहिए, जबकि प्रदेश में युवाओं को मौका मिलना चाहिए। साथ ही ये भी जोड़ा कि प्रदेश में कांग्रेस की युवा टीम बेहतर काम कर रही है। बैज के बयान पर पूर्व डिप्टी CM टीएस सिंहदेव ने जवाब दिया कि वे खुद युवा हैं, साफ कहा कि वे अपने विधानसभा और प्रदेश में ही काम करना चाहते हैं। बैज को नसीहत भी दी कि वे तो प्रदेश के मुख्यमंत्री भी बन सकते हैं।
प्रदेश कांग्रेस को 2 टॉप लीडर्स को परस्पर नसीहतों पर बीजेपी चुटकी ले रही है। CM विष्णुदेव साय ने कहा कि कौन-क्या बने ये कांग्रेस के आपसी मामला है लेकिन कांग्रेस की दुर्गति किसी से छिपी नहीं। वहीं मंत्री रामविचार नेताम ने कांग्रेस की सियासत को यूज एंड थ्रो वाला बताया। जाहिर है कांग्रेसी नेताओं के बयानों में एक-दूसरे तारीफ के लिफाफे में रखकर जो मैसेज दिया वो साफ है, नेता खुद की दावेदारी को ऊपर रखते हैं। ‘युवाओं को मौका’ और ‘मैं भी युवा’ से ये भी साफ है कि आलाकमान के लिए नेताओं में सामांजस्य बनाना अब भी आसान ना होगा। बहरहाल सवाल ये है कि PCC छत्तीसगढ़ में नेताओं की आपसी टसल 2028 चुनावों में पार्टी की जीत की तैयारी को फिर झटका तो ना देगी?