Reported By: Jitendra Gaikwad
,naxali news/ image source: IBC24
मानपुर: नक्सलवाद के साये में वर्षों तक डर और असुरक्षा की ज़िंदगी जीने वाले परिवारों के लिए अब हालात बदलते नज़र आ रहे हैं। Naxal News Chhattisgarh मामले में शासन द्वारा नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए चलाई जा रही विशेष पुनर्वास योजनाओं और सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई का असर अब ज़मीन पर साफ दिखाई देने लगा है। जिन इलाकों में कभी नक्सली हिंसा और भय का माहौल था, वहां अब धीरे-धीरे सामान्य जीवन की वापसी हो रही है।
Naxal News Chhattisgarh के मामले को लेकर, एक समय ऐसा भी था जब नक्सलियों की दहशत के चलते जिले के रामगढ़, कंदाढ़ी, औंधी, बसेली, ढब्बा, गढ़डोमि, हलोरा, जक्के, कोतरी और सरखेड़ा जैसे कई अति संवेदनशील गांवों में रहने वाले परिवारों को अपना घर-गांव छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था। इन परिवारों के मुखियाओं को नक्सलियों ने पुलिस का मुखबिर बताकर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद भय और असुरक्षा के कारण कई परिवार वर्षों तक अपने ही गांवों से दूर, पलायन कर जीवन जीने को मजबूर रहे।
अब परिस्थितियां धीरे-धीरे बदल रही हैं। जिले में कुल 84 नक्सल पीड़ित परिवार चिह्नित किए गए हैं, जिनमें से 26 नक्सल पीड़ित हितग्राहियों को शासन द्वारा चलाई जा रही नक्सल पीड़ित पुनर्वास योजनाओं के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल चुका है। इन परिवारों को पक्का आवास मिलने से उनके जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा की भावना लौट रही है।
Naxal News Chhattisgarh के मामले को लेकर, नक्सल पीड़ित राम बाई मंडावी ने बताया कि वर्ष 2009 में हुई घटना के बाद उन्हें अपना गांव छोड़ना पड़ा था। नक्सलियों ने उनके पति की हत्या कर दी थी, जिसके बाद पूरा परिवार भय के माहौल में जीता रहा। उन्होंने कहा कि अब नक्सली गतिविधियां खत्म हो रही हैं, इसलिए वे अपने गांव वापस लौट आए हैं। प्रधानमंत्री आवास मिलने के बाद अब वे यहीं रहकर सुरक्षित जीवन जीने की उम्मीद कर रही हैं।
इसी तरह नक्सल पीड़ित अघन सिंह ने बताया कि वर्ष 2009 में उनके पिता को नक्सलियों ने मुखबिर समझकर लाठी से पीट-पीटकर मार डाला था। उस समय उनके परिवार को किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल सका था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में जाकर उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास मिला है, जिससे उनके परिवार को नई शुरुआत का अवसर मिला है।
Naxal News Chhattisgarh के संबंध में जिला पंचायत सीईओ मोहला ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए 26 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इन आवासों को जल्द से जल्द पूर्ण कराने के लिए पूरा प्रशासनिक अमला ग्राउंड पर कार्य कर रहा है, ताकि पीड़ित परिवारों को समय पर लाभ मिल सके।
वहीं पुलिस अधीक्षक मोहला-मानपुर यशपाल सिंह ने बताया कि लगातार पुलिस और सुरक्षा बलों की प्रभावी कार्रवाई के कारण नक्सली समस्या धीरे-धीरे समाप्त हो रही है। नक्सली भय के कारण जो ग्रामीण अपने गांव छोड़कर चले गए थे, वे अब वापस लौट रहे हैं। नक्सल पीड़ित परिवारों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत निशुल्क आवास, राशन और इलाज जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
नक्सल हिंसा के दर्द से गुज़रे इन परिवारों के लिए अब डर की जगह उम्मीद और भरोसा लौट रहा है। जहां कभी गोलियों की गूंज और भय का सन्नाटा था, वहां अब पक्के मकान बन रहे हैं और सुरक्षित भविष्य की नई बुनियाद रखी जा रही है