Brijmohan Agrawal Statement: साय सरकार से नाराज नहीं हैं सांसद बृजमोहन अग्रवाल.. बार-बार पत्र लिखने की ये बताई वजह, आप भी जानें

Brijmohan Agrawal on the India Scout and Guide controversy: भाजपा नेता केदार गुप्ता ने कहा कि सब कुछ ठीक है और इसे राजनीतिक तूल नहीं दिया जाना चाहिए। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने भी कहा कि बृजमोहन जी उनके बड़े भाई हैं और वे उनसे घर जाकर मुलाकात करेंगे।

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  • Publish Date - January 14, 2026 / 08:32 AM IST,
    Updated On - January 14, 2026 / 09:12 AM IST

Brijmohan Agrawal || Image- ANI File

HIGHLIGHTS
  • सरकार से नाराजगी की अटकलों पर विराम
  • विपक्ष को बताया कमजोर और बंटा हुआ
  • पत्रों को बताया सकारात्मक सुझाव

रायपुर मौजूदा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बीते कुछ दिनों से सरकार से उनकी नाराजगी को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की है। मंगलवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री ने रायपुर के विकास को लेकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल और रायपुर के चारों विधायकों के साथ गहन मंथन किया। (Brijmohan Agrawal on the India Scout and Guide controversy) बैठक के बाद सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सरकार को बार-बार पत्र लिखने और नाराजगी के सवाल पर मौन तोड़ते हुए कहा कि वे सरकार के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि ऐसे सुझाव देते हैं, जिन पर अमल कर सरकार और बेहतर काम कर सके।

बृजमोहन अग्रवाल ने विपक्ष पर करारा कटाक्ष करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में विपक्ष बंटा हुआ और कमजोर है। विपक्ष जनहित के मुद्दे उठाने में असफल रहा है, इसलिए उन्हें ही अपनी सरकार को सही दिशा दिखाने के लिए पत्र लिखने पड़ रहे हैं। हालांकि, दूसरी ओर कांग्रेस नेता अब भी यह दोहरा रहे हैं कि बृजमोहन अग्रवाल समेत भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को अपनी ही सरकार पर भरोसा नहीं है।

यह भी जगजाहिर है कि 2023 में सत्ता में आने के बाद से मौजूदा सरकार को लेकर सीनियर विधायक और पूर्व मंत्री जैसे राजेश मूणत, अजय चंद्राकर, अमर अग्रवाल और बृजमोहन अग्रवाल के नाराज होने की चर्चाएं सामने आती रही हैं। खुद बृजमोहन अग्रवाल बीते दो वर्षों में अलग-अलग मुद्दों पर अपनी ही सरकार को आठ बार पत्र लिख चुके हैं, जिसे कांग्रेस ने सरकार के प्रति अविश्वास बताते हुए मुद्दा बनाया है। अब बृजमोहन अग्रवाल कांग्रेस को कमजोर और बंटा हुआ विपक्ष बताते हुए उसी भूमिका में खुद को खड़ा कर रहे हैं। सवाल यह है कि क्या विपक्ष की कमजोरी के चलते सत्ता पक्ष के नेताओं को अपनी ही सरकार की खामियों पर सवाल उठाने पड़ रहे हैं?

याचिका स्वीकार, सरकार को नोटिस जारी (Brijmohan Agrawal Latest News)

भारत स्काउट एंड गाइड के छत्तीसगढ़ राज्य परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर बृजमोहन अग्रवाल ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। हाई कोर्ट ने इस याचिका को स्वीकार करते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है।

बालोद में आयोजित स्काउट एंड गाइड का जंबूरी कार्यक्रम शुरू से ही विवादों में रहा है। पहले बिना ठेका प्रक्रिया के टेंडर दिए जाने का मामला सामने आया, इसके बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने उन्हें कथित तौर पर असंवैधानिक तरीके से भारत स्काउट एंड गाइड के छत्तीसगढ़ परिषद के अध्यक्ष पद से हटाने को लेकर कोर्ट का रुख किया। (Brijmohan Agrawal on the India Scout and Guide controversy) हाई कोर्ट ने इस मामले में शासन से जवाब तलब किया है। जंबूरी को लेकर भाजपा नेताओं के आपसी टकराव पर कांग्रेस राजनीतिक लाभ लेने में जुटी हुई है।

विकास उपाध्याय ने साधा सरकार पर निशाना (Brijmohan Agrawal on Sai Govt)

इस मामले पर पूर्व संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा की सरकार पर उनके ही वरिष्ठ नेता और सांसद को भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि जब भाजपा के सांसद को न्याय के लिए कोर्ट जाना पड़ रहा है, तो आम जनता की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने पूरे मामले को भ्रष्टाचार से जुड़ा बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार विवाद खड़ा कर जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।

‘बृजमोहन जी मेरे बड़े भाई हैं’ : शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव (Brijmohan Agrawal on Jamboori Vivad)

वहीं भाजपा नेता केदार गुप्ता ने कहा कि सब कुछ ठीक है और इसे राजनीतिक तूल नहीं दिया जाना चाहिए। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने भी कहा कि बृजमोहन जी उनके बड़े भाई हैं और वे उनसे घर जाकर मुलाकात करेंगे। (Brijmohan Agrawal on the India Scout and Guide controversy) उन्होंने कहा कि जंबूरी कार्यक्रम बहुत अच्छे से संपन्न हुआ और इससे प्रदेश का नाम रोशन हुआ। मेहमाननवाजी से सरकार और प्रदेश दोनों की छवि बेहतर हुई है।

पार्टी और सरकार की किरकिरी (Brijmohan Agrawal Petition)

जंबूरी के आयोजन और स्काउट एंड गाइड के अध्यक्ष पद को लेकर जिस तरह भाजपा के नेता आपस में उलझे हुए हैं, उससे साफ है कि यह मामला जल्द सुलझता नजर नहीं आ रहा। इस पूरे घटनाक्रम पर भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं की चुप्पी से पार्टी की किरकिरी हो रही है, जिसे गंभीरता से लेने की जरूरत बताई जा रही है।

इन्हें ही पढ़ें:-

Q1. बृजमोहन अग्रवाल ने सरकार को पत्र क्यों लिखे?

उत्तर: उन्होंने कहा कि पत्र नाराजगी नहीं, बल्कि सरकार को बेहतर काम के सुझाव देने के लिए लिखे गए

Q2. विपक्ष को लेकर बृजमोहन अग्रवाल ने क्या कहा?

उत्तर: उन्होंने विपक्ष को बंटा हुआ और जनहित के मुद्दों में विफल बताया

Q3. कांग्रेस इन पत्रों को कैसे देख रही है?

उत्तर: कांग्रेस इसे भाजपा नेताओं का अपनी ही सरकार पर अविश्वास बताकर हमला कर रही है