CG Dhan Kharidi News: ‘या तो ऋण माफी की जाए, नही तो धान खरीदी फिर शुरू हो’ विधानसभा में गूंजा धान खरीदी का मुद्दा, विपक्ष ने कहा- कई किसान अभी भी नहीं बेच पाए धान

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CG Dhan Kharidi News: 'या तो ऋण माफी की जाए, नही तो धान खरीदी फिर शुरू हो' विधानसभा में गूंजा धान खरीदी का मुद्दा, विपक्ष ने कहा- कई किसान अभी भी नहीं बेच पाए धान

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  • Publish Date - February 26, 2026 / 01:32 PM IST,
    Updated On - February 26, 2026 / 01:33 PM IST

CG Dhan Kharidi News: 'या तो ऋण माफी की जाए, नही तो धान खरीदी फिर शुरू हो' विधानसभा में गूंजा धान खरीदी का मुद्दा, विपक्ष ने कहा- कई किसान अभी भी नहीं बेच पाए धान/ Image: DD Chhattisgarh

HIGHLIGHTS
  • धान खरीदी पोर्टल फिर से खोला जाए या फिर उन किसानों का कर्ज माफ किया जाए
  • जांजगीर में 7 हजार किसान धान बेचने से वंचित रह गए
  • जानबूझकर छोटे और सीमांत किसानों का धान नहीं खरीदा

रायपुर: CG Dhan Kharidi News छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का आज चौथा दिन है। विधानसभा के चौथे दिन सदन में एक बार फिर धान खरीदी और किसानों की समस्याओं से जुड़ा मुद्दा गूंजा। सदन की कार्यवाही के दौरान पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने सरकार से फिर से धान खरीदी शुरू कर किसानों से धान खरीदी करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि अगर सरकार धान खरीदी नहीं कर रही है तो किसानों को कर्जमाफी किया जाए।

कर्जमाफी या धान खरीदी फिर शुरू करें: उमेश पटेल

CG Dhan Kharidi News दरअसल उमेश पटेल ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने धान खरीदी तो की है, लेकिन कई किसान आज भी अपना धान नहीं बेच पाए हैं। उमेश पटेल ने दावा करते हुए कहा कि किसानों ने जितना कृषि लोन लिया, उतना भी धान नही बेच पाए हैं। ऐसे मेंया तो ऋण माफी की जाए, नही तो धान खरीदी फिर शुरू की जाए। इस दौरान अकलतरा विधायक राघवेंद्र सिंह ने कहा कि जांजगीर में 7 हजार किसान नही बेच पाए, मेरे जिले में परेशान किसान जहर पी लिया, एक किसान टावर पर चढ़ गया।

एससी, एसटी वर्ग के किसान नहीं बेच पाए धान

वहीं, शून्यकाल के दौरान कांग्रेस ने सदन में स्थगन प्रस्ताव पेश किया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि जानबूझकर किसानों से का धान नहीं खरीदा गया है। एससी, एसटी वर्ग के किसान धान नहीं बेच पाए, किसान खून के आंसू रोए हैं। बता दें कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है।

होली से पहले होगा बोनस का भुगतान

ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के किसानों को समर्थन मूल्य के अतिरिक्त बोनस का भुगतान करती है। वहीं, बोनस भुगतान को लेकर सीएम साय ने बीते दिनों बड़ा ऐलान किया था। सीएम साय ने कैबिनेट बैठक के दौरान बड़ा फैसला लेते हुए होली से पहले किसानों को बोनस भुगतान के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। मंत्रिपरिषद ने राज्य में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रुपए प्रति क्विंटल के मान से अंतर की राशि होली पर्व से पहले एकमुश्त भुगतान किए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

35 हजार करोड़ रुपए का भुगतान

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रुपए प्रति क्विंटल के मान से की जा रही है, जो देश में सर्वाधिक है। बीते दो वर्षाें में कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों को धान के मूल्य के अंतर के रूप में 25 हजार करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। इस साल होली से पूर्व किसानों को 10 हजार करोड़ रुपए का भुगतान होने से यह राशि बढ़कर 35 हजार करोड़ रुपए हो जाएगी।

धान खरीदी और बोनस

विवरण आंकड़े / स्थिति
कुल पंजीकृत किसान 25.24 लाख से अधिक
कुल धान खरीदी (2025-26) 141.04 लाख मीट्रिक टन
बोनस भुगतान की समय सीमा होली 2026 से पहले
प्रति क्विंटल दर ₹3100 (MSP + अंतर राशि)
विपक्ष की मुख्य मांग पोर्टल फिर से खोलना या कर्जमाफी

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क्या धान खरीदी की तारीख दोबारा बढ़ाई जाएगी?

विपक्ष की मांग के बावजूद, सरकार ने अभी तक आधिकारिक तौर पर पोर्टल फिर से खोलने का कोई संकेत नहीं दिया है। वर्तमान में सरकार का पूरा ध्यान बोनस वितरण पर है।

किसानों को प्रति क्विंटल कितनी अंतर राशि (बोनस) मिलेगी?

केंद्र सरकार द्वारा घोषित MSP और राज्य सरकार के ₹3100 के वादे के बीच जो अंतर (लगभग ₹700-₹900 प्रति क्विंटल) है, वह राशि किसानों के खाते में भेजी जाएगी।

क्या कर्जमाफी की कोई संभावना है?

फिलहाल साय सरकार ने स्पष्ट किया है कि वे 'कृषक उन्नति योजना' के माध्यम से किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य (₹3100) देने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। कर्जमाफी पर अभी कोई विचार नहीं है।

बोनस का पैसा कब तक खाते में आएगा?

कैबिनेट के फैसले के अनुसार, 4 मार्च 2026 (होली) से पहले सभी पात्र किसानों के बैंक खातों में राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी।