CG Kharif Fasal MSP 2026/ image source: IBC24
CG Kharif Fasal MSP 2026: रायपुर: भारत सरकार के ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 के दौरान छत्तीसगढ़ में दाल एवं तिलहनी फसलों की खरीद के लिए मूल्य समर्थन योजना (PSS) लागू करने के राज्य सरकार के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
केंद्रीय मंत्री द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार छत्तीसगढ़ में निम्नानुसार फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 21 हजार 330 मीट्रिक टन तुअर, 25 हजार 530 मीट्रिक टन उड़द, 240 मीट्रिक टन मूंग, 4 हजार 210 मीट्रिक टन सोयाबीन और 4 हजार 210 मीट्रिक टन मूंगफली खरीद की मंजूरी दी गई है।
| फसल | खरीदी मात्रा (मीट्रिक टन) |
|---|---|
| तुअर | 21,330 |
| उड़द | 25,530 |
| मूंग | 240 |
| सोयाबीन | 4,210 |
| मूंगफली | 4,210 |
इन फसलों की खरीद मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाएगी, जिससे किसानों को अपनी उपज का उचित दाम प्राप्त होगा। केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने पत्र में आशा व्यक्त की है कि इस निर्णय से तुअर, उड़द, मूंग, सोयाबीन और मूंगफली उत्पादक किसानों को बड़ी राहत मिलेगी तथा उन्हें औने-पौने दाम पर फसल बेचने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्र सरकार के इस निर्णय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के हितों की सुरक्षा हमारी शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एमएसपी पर खरीद की सभी तैयारियाँ समयबद्ध तरीके से पूर्ण कर किसानों को अधिकतम लाभ सुनिश्चित करेगी। इस निर्णय से राज्य के किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी, दलहन एवं तिलहन उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी।
एमएसपी (MSP) का मतलब न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) है, जो भारत सरकार द्वारा किसानों को उनकी फसल का एक निश्चित और लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए तय किया गया एक सुरक्षा कवच है। यह बाजार के उतार-चढ़ाव से किसानों को बचाता है, ताकि उन्हें उनकी उपज का उचित दाम मिले और वे घाटे से बच सकें, जिसमें सरकार तय कीमत पर फसल खरीदती है, भले ही बाजार में दाम कम हों।