Mahila Aarakshan Bill: महिला आरक्षण से निर्णय प्रक्रिया में बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी, आधी आबादी को मिलेगा उनका पूरा हक: सीएम साय

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Mahila Aarakshan Bill Kya Hai: महिला आरक्षण से निर्णय प्रक्रिया में बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी, आधी आबादी को मिलेगा उनका पूरा हक: सीएम साय

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  • Publish Date - April 14, 2026 / 10:09 AM IST,
    Updated On - April 14, 2026 / 10:09 AM IST

Mahila Aarakshan Bill Kya Hai: महिला आरक्षण से निर्णय प्रक्रिया में बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी, आधी आबादी को मिलेगा उनका पूरा हक: सीएम साय | Image: CG DPR

HIGHLIGHTS
  • पंचायत से पार्लियामेंट’ तक भागीदारी पर जोर
  • 6 अप्रैल को संसद में होगी अहम चर्चा
  • छत्तीसगढ़ में 50% आरक्षण और महतारी वंदन योजना

रायपुर: Mahila Aarakshan Bill Kya Hai मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन से प्रसारित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उद्बोधन को सुना। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह देश की मातृशक्ति के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है, जो भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को और अधिक समावेशी एवं सशक्त बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होगा।

Mahila Aarakshan Bill Kya Hai मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘पंचायत से पार्लियामेंट तक’ नारी की भागीदारी सुनिश्चित करने का यह प्रयास नए भारत की स्पष्ट झलक प्रस्तुत करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री के इस दृष्टिकोण को रेखांकित किया कि निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की सीधी भागीदारी ही विकसित भारत की सशक्त नींव है। उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल को संसद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर होने वाली चर्चा इस ऐतिहासिक पहल को मूर्त रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपरा में नारी को सदैव उच्च स्थान दिया गया है। वैदिक काल से लेकर वर्तमान समय तक महिलाओं की भूमिका समाज के निर्माण और विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। हमारी डबल इंजन सरकार की विभिन्न योजनाओं ने इस परंपरा को आधुनिक संदर्भ में सशक्त रूप दिया है, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भरता और सम्मान के साथ आगे बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए कई प्रभावी कदम उठाए गए हैं। स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण के माध्यम से महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिला है, जिसका सकारात्मक प्रभाव जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। साथ ही ‘महतारी वंदन योजना’ जैसी पहल माताओं-बहनों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सुदृढ़ बना रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुखद संयोग है कि जब देश में महिला आरक्षण पर ऐतिहासिक चर्चा हो रही है, उसी समय छत्तीसगढ़ ‘महतारी गौरव वर्ष’ मना रहा है। उन्होंने कहा कि ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ का सम्मान और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी प्रदेश की पहचान बन चुकी है। उन्होंने प्रदेश की मातृशक्ति और महिला संगठनों से आह्वान किया कि वे हर मंच पर अपनी आवाज़ बुलंद करें और इस परिवर्तन यात्रा में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने विश्वास जताया कि महिलाओं की बढ़ती सहभागिता से लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा तथा समाज में सकारात्मक बदलाव की नई दिशा स्थापित होगी।

मुख्यमंत्री साय ने अंत में कहा कि जब नारी सशक्त होती है, तभी राष्ट्र सशक्त बनता है। यह समय देश की आधी आबादी को उनका पूरा अधिकार दिलाने और उन्हें विकास की मुख्यधारा में निर्णायक भूमिका देने का है। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ क्या है?

यह एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसमें महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाता है।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उद्देश्य क्या है?

इसका उद्देश्य महिलाओं को राजनीति और निर्णय प्रक्रिया में अधिक प्रतिनिधित्व देना है।

छत्तीसगढ़ में महिलाओं के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?

राज्य में स्थानीय निकायों में 50% आरक्षण और ‘महतारी वंदन योजना’ जैसी योजनाएं लागू की गई हैं।

‘महतारी वंदन योजना’ क्या है?

यह योजना महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से क्या लाभ होगा?

इससे लोकतंत्र मजबूत होगा, समाज में संतुलन आएगा और विकास की गति तेज होगी।