सीयू में यूनिसेफ की तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ, कुलपति बोले- ‘सीयू अकादमिक जगत का दमकता हुआ सितारा’

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Shining star of CU Academics - Vice Chancellor Prof. Chakrawal सीयू में यूनिसेफ की तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ

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  • Publish Date - January 9, 2023 / 09:50 PM IST,
    Updated On - January 9, 2023 / 09:50 PM IST

Shining star of CU Academics - Vice Chancellor Prof. Chakrawal

Vice Chancellor Prof. Chakrawal: बिलासपुर। गुरू घासीदास विश्वविद्यालय (केन्द्रीय विश्वविद्यालय) द्वारा यूनिसेफ इंडिया के सहयोग से तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन दिनांक 09 से 11 जनवरी, 2023 तक किया जा रहा है। वर्कशॉप ऑन रोलआउट ऑफ कम्यूनिकेशन फॉर सोशल एंड बेहेवियर चेंज (सीएसबीसी) मॉड्यूल विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन दिनांक 09 जनवरी 2023 सुबह 9 बजे रजत जयंती सभागार में किया गया।

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उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल मुख्य अतिथि

उद्घाटन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय कुलपति महोदय प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल रहे। अति विशिष्ट अतिथि श्री संजय सिंह एसबीसी विशेषज्ञ यूनिसेफ, विशिष्ट अतिथि श्री अभिषेक सिंह एसबीसी विशेषज्ञ यूनिसेफ थे। अन्य मंचस्थ अतिथियों में विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. मनीष श्रीवास्तव, कार्यशाला के संयोजक प्रो. वी.एस. राठौड़ तथा सह-संयोजक प्रो. प्रतिभा जे. मिश्रा शामिल रहे।

कार्यशाला का प्रारंभ सभागार में अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर मां सरस्वती एवं संत गुरू घासीदास बाबा के तैल चित्र पर पुष्पअर्पित किया गया। इस दौरान तरंग बैंड ने सरस्वती वंदना व कुलगीत की मोहक प्रस्तुति दी। तत्पश्चात नन्हें पौधे से मंचस्थ अतिथियों का स्वागत किया गया। स्वागत उद्बोधन कार्यक्रम के संजोयक प्रो. वी.एस. राठौड़ ने दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय कुलपति महोदय प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल ने कहा गुरु घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय देश में अकादमिक और अधोसंरचना विकास संदर्भ में विकास के नए मानक एवं प्रादर्श के रूप में विकसित हो रहा है। उन्होंने सीरिया युद्ध पीड़ित बच्चों की व्यथा को रेखांकित करते हुए दुनिया में यूनिसेफ द्वारा बच्चों के पालन, पोषण एवं संरक्षण के लिए किये जा रहे प्रयासों की सराहना की।

 

कुलपति ने सकारात्मक विचारों पर की चर्चा

Vice Chancellor Prof. Chakrawal: कुलपति प्रोफेसर चक्रवाल ने कहा कि गुरु घासीदास विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरुप विद्यार्थी एवं उद्योगों के अनुरूप पाठ्यचर्या में बदलाव कर रहा है जिससे आने वाले वर्षों में केन्द्रीय विश्वविद्यालय अकादमिक जगत का दमकता हुआ सितारा साबित होगा। उन्होंने कहा कि कार्यशाला से संबंधित विषय को पाठ्यक्रम में मूल्य वर्धित पाठ्यचर्या के रूप में अगले सत्र से शामिल करने पर सकारात्मक रूप से विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित देश महिलाओं के अधिकारों के हनन एवं बच्चों के आंकड़ों एवं मानदंड़ों में सुविधानुसार बदलाव करते हैं। भारत में बच्चों और महिलाओं के अधिकारों को लेकर सरकार और समाज दोनों ही जागरुक हैं।

इससे पूर्व यूनिसेफ दिल्ली से पधारे अति विशिष्ट अतिथि श्री संजय सिंह एसबीसी विशेषज्ञ ने कहा कि यूनिसेफ की यह कार्यशाला व्यक्तिगत बदलाव के साथ सामाजिक बदलावों क बात करती है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यूनिसेफ निरंतर प्रयासरत है। यूनिसेफ ने देश के 9 प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर विभिन्न मॉड्यूल तैयार किये हैं।

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कार्यक्रम को चलाया गया यूट्यूब लाइव

यूनिसेफ रायपुर से विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यशाला में शामिल श्री अभिषेक सिंह एसबीसी विशेषज्ञ ने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए अगले तीन दिनों में आयोजित होने वाले विभिन्न तकनीकी सत्रों में रखे जाने वाले विषयों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में आयोजित यह कार्यशाला अन्य क्षेत्रों के लिए मानक स्थापित करेगी।

Vice Chancellor Prof. Chakrawal: कार्यक्रम में शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिह्न भेंट कर अतिथियों को सम्मानित किया गया। समारोह का प्रसारण ब्लेंडेड मोड (ऑनलाइन-यूट्यूब लाइव) में हुआ। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. मनीष श्रीवास्तव ने और संचालन डॉ. गरिमा तिवारी, सहायक प्राध्यापक वानिकी, वन्य जीव एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग ने किया। कार्यशाला में विभिन्न संस्थानों क प्रतिभागीगण, विभिन्न विद्यापीठों के अधिष्ठातागण, विभागाध्यक्षगण, शिक्षकगण तथा अधिकारीगण, उपस्थित रहे।

 

 

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