रायपुर: प्रदेश में रेमडेसिविर इंजेक्शन की भारी किल्लत हो गई है। मेडिकल स्टोर में रेमडेसिविर दवा मिल नहीं रही। लोग एक मेडिकल से दूसरे मेडिकल में चक्कर लगा रहे हैं। लाइफ सेविंग दवा के लिए कोरोना मरीज तरस रहे हैं। कोरोना मरीजों के परिजन परेशान हो रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में पिछले 3 दिनों से रेमडेसिविर की कमी है, अस्पताल से लेकर होलसेल डीलर के स्टॉक खत्म हो गया है। रेमडेसिविर के लिए मरीजों के परिजन भटक रहे हैं। मेडिकल कॉम्पलेक्स में सुबह 6 बजे से ही लाइन लगी रहती है। रेमडेसिविर के लिए प्रदेश के कई शहरों से लोग रायपुर आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ में हर दिन 10 से 15 हजार डोज की जरूरत है।
वहीं, दूसरी ओर रेमडेसिविर इंजेक्शन की जमकर कालाबाजारी हो रही है। एक डोज के 20 हजार तक वसूले जा रहे हैं। लेकिन सवाल ये है कि अस्पतालों और बाजार से क्यों गायब हो गई रेमडेसिविर? रेमडेसिविर की कमी को कैसे पूरा करेगी सरकार?
दवाई की दुकानों के बाहर लगी लंबी-लंबी कतारें लग रही है और मरीज बढ़ने के साथ ही रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग बढ़ रही है। रेमडेसिविर के लिए मरीज दोगुनी कीमत दे रहे हैं। लेकिन अब सवाल ये है कि रेमडेसिविर की सप्लाई में दिक्कत क्यों ? जिम्मेदारों के पास कोई जवाब नहीं है। अस्पतालों और बाजार से क्यों गायब हो गई रेमडेसिविर?