कागजों में सिमटे बीती सरकार के लॉजिस्टिक कार्गो हब के दावे, 11 साल बाद भी प्रोजेक्ट का अता पता नहीं

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कागजों में सिमटे बीती सरकार के लॉजिस्टिक कार्गो हब के दावे, 11 साल बाद भी प्रोजेक्ट का अता पता नहीं

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  • Publish Date - December 19, 2019 / 09:32 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:19 PM IST

भोपाल। मध्यप्रदेश में तत्कालीन शिवराज सरकार ने अलग-अलग शहरों में नए उद्योग लगाने को लेकर बड़े-बड़े दावे किए थे। लेकिन ये दावे कागजों में सिमट कर रह गए। ग्वालियर जिले में 2008 में लॉजिस्टिक कार्गों हब बनाने की घोषणा शिवराज सिंह ने की थी। लेकिन 11 साल बाद भी इस प्रोजेक्ट का कुछ अता पता नहीं है।

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मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा में एवियेशन सिटी, एयरकार्गो हब, मल्टी प्रोडक्ट एसईजेड में करीब 10 हजार करोड़ रुपये के पूंजी निवेश को लेकर तत्कालीन शिवराज सरकार ने एक्शन प्लान तैयार किया था। कहा जा रहा था कि ये प्लान आ जाता है, तो इससे एक हजार लोगों को कार्गों हब और अन्य क्षेत्र में हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। लेकिन शिवराज सरकार का ये प्लान सिर्फ कागजी घोड़ा ही निकला है वैसे कार्गो हब के तहत डबरा में बंद पड़ी शुगर मिल की जमीन पर कार्गो एयरपोर्ट बनाने का था जिसे अब सरकारी घोषित कर दिया गया है।

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डबरा विधायक और प्रदेश सरकार में मंत्री इमरती देवी का कहना है कि शिवराज सरकार घोषणा वीर सरकार थी जो काम नही सिर्फ घोषणा करती थी। वहीं बीजेपी कह रही है, कमलनाथ सरकार को इस प्लान को आगे बढ़ाना चाहिए। क्योंकि इससे लोगों को रोजगार मिलेगा।

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एयर कार्गो का प्लान के तहत डबरा में एवियेशन सिटी, एयरकार्गो हब, मल्टी प्रोडक्ट एसईजेड बनाना था। जिसमें 10,000 करोड़ रूपए का निवेश और 1000 लोगों को रोजगार देने की बात शामिल थी। नार्थ-साउथ और गुना-मुरैना इंडस्ट्रियल कॉरीडोर पर प्रस्तावित इस एसईजेड और सिविल एयर कार्गो का उद्देश्य नया इंडस्ट्रियल जोन विकसित करना था। सरकार का दावा था कि कार्गो एयरपोर्ट तैयार होगा तो एविएशन सेक्टर में बड़ा निवेश ग्वालियर को मिलेगा। कार्गो प्लेन और पैसेंजर प्लेन की पार्किंग समेत दूसरी सुविधाओं से इनकम होती और एयरपोर्ट बनने के बाद प्लेन हैंगर, मेंटेनेंस के काम होते।

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