रायपुर : विधानसभा में शराबबंदी मुद्दे पर विपक्ष के सवालों के बीच सीएम भूपेश बघेल ने इस मामले में दो टूक जवाब दिया है। छत्तीसगढ़ विधानसभा में शराबबंदी को लेकर आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि एक झटके में शराबबंदी करके लोगों को मौत मुंह मे नहीं धकेल सकते। उन्होंने कहा कि इसकी असफलता और विफलता के कारणों का अध्ययन करके शराबबंदी की जाएगी। उन्होंने ये भी कहा कि सर्वदलीय बैठक करके और सभी दलों के लोगों से बात करने के बाद सामाजिक संगठनों को एकजुट करके शराबबन्दी लागू होगी।
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विपक्ष ने सदन में शराबबंदी को लेकर सवाल उठाया था। इसके साथ ही शून्यकाल में भाजपा के नारायण चंदेल ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय का नाम सरकारी योजनाओं से हटाने के निर्णय को द्वेषपूर्ण बताते हुए इस मामले में लाए गए स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराने की मांग की। शिवरतन शर्मा ने भी राज्य सरकार पर राजनीतिक द्वेषवश काम करने का आरोप लगाया। वहीं नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने बिल्हा क्षेत्र में विकास कार्यो के स्वीकृत योजना का काम रोके जाने और राशि वापस बुलाने का मामला उठाया। जिसका जवाब पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव और रविंद्र चौबे ने दिए।
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इसके अलावा कांग्रेस के मोहन मरकाम ने उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल से पूछा कि कोंडागांव में मल्टीपरपज इंडोर हाल, जिला स्टेडियम और स्वीमिंग पूल निर्माण कार्य की लागत को लेकर सवाल पूछे, वहीं कॉंग्रेस के चंद्रदेव प्रसाद ने बिलाईगढ़ क्षेत्र में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण की जानकारी मांगी। जिसका जवाब देते हुए मंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया कि बिलाईगढ़ क्षेत्र में 65 हजार 791 शौचालय बनाया गया है।