कोरोना संकट के बीच किसानों को बड़ी राहत, 31 मई तक होगी गेहूं की खरीदी

कोरोना संकट के बीच किसानों को बड़ी राहत, 31 मई तक होगी गेहूं की खरीदी

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  • Publish Date - May 25, 2020 / 06:07 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:43 PM IST

भोपाल: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश के किसानों के परिश्रम से गेहूँ का रिकार्ड उत्पादन और उपार्जन का कार्य संभव हुआ है। कोरोना के संकट के बावजूद प्रदेश की यह उपलब्धि मायने रखती है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा है कि प्रदेश के उन किसानों को चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है, जो गेहूं बेच नहीं पाए हैं। प्रदेश में रिकॉर्ड गेहूँ उपार्जन के बाद भी जिन जिलों में कोरोना वायरस के कारण उपार्जन में विलंब हुआ या अन्य कारणों से किसान भाइयों के गेहूँ की तुलाई नहीं हो पाई है वहां खरीदी 31 मई तक होगी।

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प्रदेश में गेहूँ उत्पादन और उपार्जन के सभी रिकार्ड टूट गए हैं। किसान की मेहनत ही इसका मुख्य कारण है। मुख्यमंत्री चौहान ने आज किसानों के नाम संदेश में कहा कि दो महीने पहले प्रदेश में परिस्थितियाँ काफी विषम थीं और गेहूँ उपार्जन की कोई भी व्यवस्था नहीं थी। कम समय में शासन द्वारा खरीदी की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं और किसानों से गेहूँ उपार्जन का कार्य व्यवस्थित रूप से प्रारंभ किया गया। मध्यप्रदेश में कोरोना की विपरीत परिस्थितियों में रिकॉर्ड गेहूँ उत्पादन हुआ है। किसानों ने जहां रिकॉर्ड उत्पादन किया वहीं सरकार ने रिकॉर्ड खरीदी का कार्य किया है। इसके लिए सभी प्रबंध किए गए।

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पुख्ता व्यवस्थाओं से मिला किसानों को लाभ
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि 2 माह पूर्व प्रदेश में गेहूँ उपार्जन की कोई भी व्यवस्था नहीं थी। प्रदेश में 16 अप्रैल से 25 मई तक 15 लाख तीन हजार किसानों से 114 लाख 70 हजार मीट्रिक टन अर्थात 11 करोड़ 47 लाख क्विंटल गेहूँ का उपार्जन किया गया। निजी मंडियां भी खोली गईं। ई-ट्रेडिंग का विकल्प भी उपलब्ध करवाया गया। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि जिन स्थानों पर गेहूँ की खरीदी का कार्य शेष है वहां किसानों को एसएमएस भेजने की व्यवस्था की जाएगी और आगामी 31 मई तक गेहूँ खरीदी का कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री चौहान ने किसानों से अनुरोध किया कि एसएमएस प्राप्त होने पर ही गेहूँ विक्रय के लिए खरीदी केंद्र पहुँचे। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। फेस मास्क का उपयोग करें अथवा गमछे से मुँह और नाक ढांक कर पूरी सावधानी और सुरक्षा के साथ इस कार्य को पूर्ण करें। मुख्यमंत्री चौहान ने संदेश में कहा कि किसानों का गेहूँ खरीदने का कार्य सरकार करेगी। इसके लिए 2 गज की परस्पर दूरी बनाकर कार्य किया जाए।

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किसान कल्याण के महत्पूर्ण फैसले
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा किसानों के हित में राज्य में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। राज्य सरकार ने पिछले वर्ष की बीमा राशि का अंशदान 2200 करोड़ 15 लाख किसानों को भुगतान करने की पहल की। इससे किसानों को 2900 करोड़ रुपए की फसल बीमा राशि का लाभ मिल सका। वर्ष 2019-20 की बीमा राशि के भुगतान का निर्णय लिया गया।इससे किसानों को 4 हजार करोड़ से अधिक राशि के भुगतान का रास्ता खुल गया।मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान योजना में 68 लाख 13 हजार किसानों को 1362 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई।

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मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि गत वित्त वर्ष में किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर फसल ऋण दिया गया था। इसके भुगतान की आखिरी तारीख 31 मई कर दी गई। इसके लिए शासन ने 55 करोड़ का वित्तीय भार वहन किया। वर्तमान वर्ष 2020-21 में भी किसानों को शून्य प्रतिशत की ब्याज दर पर ऋण देने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि कृषि उपभोक्ताओं के विद्युत बिलों को जमा करने की तारीख भी बिना अधिभार के 31 मई तक की गई है। खेती किसानी के काम में आने वाले ट्रांसफार्मर जल जाने अथवा खराब हो जाने पर उन्हें भी बिना किसी अधिभार के बदलने का निर्णय लिया गया है।

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टूटे खरीदी के पुराने रिकार्ड
प्रदेश में गेहूँ उपार्जन में राज्य शासन द्वारा किसानों को विक्रय के कई विकल्प देते हुए उपार्जन केंद्रों की संख्या भी जो गत वर्ष 3511 थी, इस वर्ष बढ़ाकर 4507 की गई। इन प्रयासों के फलस्वरूप प्रदेश में रिकार्ड टाइम में गेहूँ खरीदी कर किसानों को राशि का भुगतान कर लाभान्वित किया गया। प्रदेश के इतिहास में यह सर्वाधिक खरीदी है। गत वर्ष से भी यह खरीदी चार करोड़ क्विंटल से अधिक है। गत वर्ष कुल 73 लाख 69 हजार मीट्रिक टन खरीदी की गई थी। पहले वर्ष 2012-13 में सर्वाधिक 84 लाख 89 हजार मीट्रिक टन की खरीदी हुई।इस वर्ष सभी रिकार्ड टूट गए। कोरोना संकट के बावजूद राज्य शासन के उत्कृष्ट प्रबंधन से इतनी खरीदी हो सकी।

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गेहूं खरीदी: प्रमुख तथ्य
गत वर्ष 2019-20 में 9 लाख 66 हजार किसानों से 7 करोड़ 36 लाख क्विंटल गेहूं खरीद हुई। अभी तक की उच्चतम खरीदी वर्ष 2012-13 में थी जो 10 लाख 27 हजार किसानों से 8 करोड़ 48 लाख क्विंटल थी। वर्तमान वर्ष 2020-21 में 15 लाख 3 हजार किसानों से 11 करोड़ 47 लाख क्विंटल गेहूं खरीद हुई।

अन्य खरीदी
प्रदेश में चना, सरसों, मसूर खरीदी भी हुई। प्रदेश में 24 मई तक 95 हजार किसानों से 1 लाख 40 हजार मीट्रिक टन (14 लाख क्विंटल) चना, 34 हजार 300 किसानों से 73 हजार मीट्रिक टन ( 7 लाख 30 हजार क्विंटल) सरसों एवं 1 हजार 47 कृषकों से 600 मीट्रिक टन (6000 क्विंटल) मसूर का उपार्जन किया जा चुका है। प्रदेश के 691 केन्द्रों पर यह खरीदी की गई है।गत वर्ष किसानों से चने की खरीदी अधिकतम 15 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के आधार पर की गई थी जिसे इस वर्ष वास्तविक उपज के मान से बढ़ाकर 20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर कर दिया गया है। इससे किसान अधिक उपज बेच पा रहे हैं।