झारखंड: सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 2.35 करोड़ रुपये के इनामी अनल दा समेत 15 माओवादी मारे गए

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झारखंड: सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 2.35 करोड़ रुपये के इनामी अनल दा समेत 15 माओवादी मारे गए

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  • Publish Date - January 22, 2026 / 09:23 PM IST,
    Updated On - January 22, 2026 / 09:23 PM IST

(तस्वीर के साथ)

चाईबासा, 22 जनवरी (भाषा) झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले में बृहस्पतिवार को सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में शीर्ष नक्सली नेता अनल दा समेत 15 माओवादी मारे गए। अनल दा पर 2.35 करोड़ रुपये का इनाम था। पुलिस ने यह जानकारी दी।

मृतकों में पांच महिलाएं शामिल है।

अधिकारियों ने बताया कि किरीबुरु थाना क्षेत्र के अंतर्गत सारंडा वन के कुमडी इलाके में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की कोबरा इकाई के लगभग 1,500 जवान इस अभियान में लगे हुए थे।

सीआरपीएफ के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) साकेत कुमार सिंह ने बताया, “हमने 15 माओवादियों के शव बरामद किए हैं, जिनमें उनका शीर्ष नेता पतिराम मांझी उर्फ अनल दा भी शामिल है, जिस पर 2.35 करोड़ रुपये का इनाम था। मुठभेड़ सात घंटे तक चली और उसके बाद देर शाम तक रुक-रुक कर गोलीबारी जारी रही। 15 शवों में से 11 की पहचान हो चुकी है और शेष चार माओवादियों की पहचान जारी है।”

सिंह ने कहा, ‘झारखंड में मुठभेड़ के बाद 15 माओवादियों के शव बरामद होने का यह पहला मामला है। इससे पहले, अधिकतम संख्या आठ थी।’

उन्होंने कहा कि मिसिर बेसरा को छोड़कर, झारखंड में भाकपा (माओवादी) के सभी केंद्रीय समिति सदस्य मारे गए हैं।

सीआरपीएफ के आईजी ने कहा “पिछले साल केंद्रीय समिति के दो सदस्य मारे गए और इस साल एक मारा गया।”

उन्होंने बताया कि अब राज्य में सिर्फ 60-65 माओवादी बचे हैं, और वो भी सिंहभूम में।

सिंह ने कहा, “लड़ाई का आखिरी दौर चल रहा है और हम इसे जल्द ही खत्म करेंगे।”

सीआरपीएफ के आईजी ने माओवादियों से सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण करने या फिर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहने का आग्रह किया।

पुलिस महानिरीक्षक (अभियान) माइकल राज एस ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि ‘ऑपरेशन मेगाबुरु’ में मारे गए 15 माओवादियों में से पांच महिलाएं हैं।

अधिकारियों ने बताया कि माओवाद से संबंधित 149 मामलों में वांछित अनल दा पर 2.35 करोड़ रुपये का इनाम है, जिसमें झारखंड सरकार द्वारा एक करोड़ रुपये, ओडिशा सरकार द्वारा 1.2 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा 15 लाख रुपये का इनाम शामिल है।

वह तीन मार्च, 2006 को झारखंड के बोकारो में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) शिविर पर हुए हमले में शामिल था, जिसमें सीआईएसएफ के पांच जवान मारे गए और दो घायल हुए थे।

जून 2019 में सेराइकेला-खरसावां जिले के कुकरू हाट में पांच सुरक्षाकर्मियों की हत्या और मई 2025 में ओडिशा में पांच टन विस्फोटक की लूट में भी अनल शामिल था।

अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ में मारा गया एक अन्य शीर्ष माओवादी नेता बिहार-झारखंड विशेष क्षेत्र समिति (बीजेएसी) का सदस्य अनमोल उर्फ ​सुशांत था, जो 149 मामलों में वांछित था और उस पर 90 लाख रुपये का इनाम था, जिसमें झारखंड सरकार की ओर से 25 लाख रुपये और ओडिशा सरकार द्वारा 65 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

मुठभेड़ में मारे गए अन्य माओवादियों में क्षेत्रीय समिति का सदस्य अमित मुंडा भी शामिल है। उस पर कुल 62 लाख रुपये का इनाम था जिसमें झारखंड सरकार की ओर से 15 लाख, ओडिशा सरकार की ओर से 43 लाख और एनआईए की ओर से चार लाख रुपये शामिल थे। वह 96 मामलों में वांछित था।

इसके अलावा उप-क्षेत्रीय समिति का सदस्य पिंटू लोहार भी मारा गया है जो 47 मामलों में वांछित था और उस पर पांच लाख रुपये का इनाम था। उप-क्षेत्रीय समिति का एक अन्य सदस्य ललजीत उर्फ लल्लू भी मारा गया, जिस पर भी पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था।

मुठभेड़ में मारे गए अन्य माओवादियों में क्षेत्र समिति के सदस्य राजेश मुंडा, बुलबुल अल्दा, बबीता और पूर्णिमा शामिल हैं।

भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया गया है।

यहां पुलिस मुख्यालय से जारी एक बयान में कहा गया है, ‘सुबह छह बजे शुरू हुई मुठभेड़ अब भी जारी है।’

सारंडा के जंगल में मंगलवार से ही माओवाद विरोधी अभियान चल रहा है, लेकिन गोलीबारी बृहस्पतिवार सुबह शुरू हुई।

माइकल राज ने बताया कि पुलिस को सारंडा जंगल में अनल दा और अन्य माओवादियों की मौजूदगी के बारे में सूचना मिलने के बाद अभियान शुरू किया गया।

गिरिडीह जिले का पिरतांड निवासी अनल दा 1987 से सक्रिय था। पुलिस वर्षों से उसकी तलाश कर रही थी।

सीआरपीएफ के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने सोमवार को पश्चिम सिंहभूम जिले के मुख्यालय चाईबासा का दौरा किया था।

झारखंड में कोल्हान और सारंडा को माओवादियों का अंतिम गढ़ माना जाता है।

अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने बूढ़ा पहाड़, चतरा, लातेहार, गुमला, लोहरदगा, रांची और पारसनाथ में उनकी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से सीमित कर दिया है।

झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा के पूर्व राज्य अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली सहित माओवादियों की हत्या को ‘लाल आतंक’ के खिलाफ एक बड़ी सफलता बताया।

मरांडी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘इस अभियान में शामिल सभी कर्मियों ने अदम्य साहस, वीरता और कर्तव्यनिष्ठा का प्रदर्शन किया है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में, केंद्र सरकार मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के संकल्प के साथ दृढ़ता से आगे बढ़ रही है।’

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि केंद्र सरकार 31 मार्च, 2026 से पहले देश से नक्सलवाद के खतरे को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।

झारखंड में 2001 से 2025 के बीच 11,000 से अधिक माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है, लगभग 250 मारे गए हैं और 350 से अधिक ने सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। इस अवधि के दौरान, पुलिस ने हथियारों और गोला-बारूद का एक बड़ा जखीरा भी जब्त किया है।

भाषा

नोमान माधव माधव

शफीक